नकली रेमडेसिविर बेचने के मामले में पंजाब का युवक हिमाचल से पकड़ा

जयपुर : कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान महंगे दामों पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बाजार में बेचने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड पकड़ा गया है।

जयपुर पुलिस ने 30 वर्षीय आरोपित मयंक गर्ग को हिमाचल प्रदेश के मनाली से गिरफ्तार किया है। वह पंजाब के श्री मुक्तसर का रहने वाला है।

उसने अपने परिचित डाक्टर जितेश अरोड़ा, रामवतार और शंकर सैनी के साथ मिलकर राजस्थान में रेमडेसिविर के नाम पर सैंकड़ों की संख्या में नकली इंजेक्शन बेचे थे ।

उसने एक इंजेक्शन के 12 से लेकर 23 हजार तक वसूले थे। प्रारंभिक पूछताछ में गर्ग ने बताया कि गिरोह के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस से बचने के लिए उसने बड़ी संख्या में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन सतलुज-यमुना नहर में फेंक दिए थे। कुछ इंजेक्शन इंदिरा गांधी नहर में भी फेंके थे ।

गर्ग ने दिल्ली के भीका जी कामा प्लेस में मेडप्रो डिस्ट्रीब्यूटर और चंडीगढ़ में एडवांस मेडिकल सिस्टम नाम से फर्म खोलकर दवाइयों का व्यवसाय चला रखा था । उसने देश के कई राज्यों में नकली रेमडेसिविर बेचने की बात स्वीकारी है ।

ऐसे पकड़ में आया जयपुर पुलिस (नॉर्थ) के डीसीपी परिस देशमुख ने बताया कि राजस्थान में अप्रैल माह में कोरोना पीक पर था । उस समय गर्ग ने अपने साथियों के साथ मिलकर निजी अस्पतालों व मेडिकल स्टोर्स पर नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचे ।

जून में इस मामले का पता हुआ तो जांच के दौरान अरोड़ा, सैनी व रामवतार को गिरफ्तार किया गया। तीनों से हुई पूछताछ में पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ । इस पर पुलिस अधिकारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की टीम गठित कर जांच तेज की गई।

टीम ने गर्ग को पकड़ने के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड़ में दबिश दी थी।

गर्ग को इसकी सूचना मिली तो उसने मोबाइल फोन का उपयोग करना बंद कर दिया था। ऐसे में 15 दिन तक तलाश कर पुलिस की टीम जून के अंत में वापस जयपुर लौट आई ।

इसी बीच तीन जुलाई को गर्ग के चंडीगढ़ में होने की जानकारी मिली। टीम चंडीगढ़ पहुंची तब तक गर्ग होटल से कमरा खाली कर चुका था । बाद में उसके मनाली में होने की जानकारी मिली । इस पर टीम ने उसे मनाली के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने जयपुर के चौड़ा रास्ता में दवा कारोबारी रामवतार और सैनी की दुकानों पर मिले नकली रेमडेसिविर बरामद किए तो सामने आया कि गर्ग अपने साथी डा.अरोड़ा के साथ मिलकर बड़ा गिरोह चला रहा है।

शुक्रवार को सभी आरोपितों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई । पुलिस को इस मामले में कई अहम जानकारियां सामने आने होने की उम्मीद है।

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