दतिया । सेक्रासिटी साख सहकारी संस्था नामक चिटफंड कंपनी पर मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई कर संस्था के कागजात जप्त कर उसे सील कर दिया। उक्त कार्रवाई कलेक्टर व एसडीएम सेवढ़ा के निर्देश पर की गई है। जांच के दौरान तैयार रिपोर्ट कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है। जांच टीम को संस्था के मैनेजर सुरेश शर्मा व उनके साथ काम करने वाले मनोज शर्मा ने मौखिक तौर पर बताया कि उनके यहां 550 खाते हैं। जिनका संचालन ग्वालियर िस्थत कार्यालय से होता है।
वह खातों के संबंध में कोई कागजात नहीं दे सके। जिसके कारण संस्था को सील करने की कार्रवाई की गई। इस संबंध में जांच दल में शामिल प्रभारी तहसीलदार ने बताया कि इंदरगढ़ निवासी हिमांशु दुबे ने जनसुनवाई में शिकायत की थी कि सूखा राहत राशि का पैसा उसके खाते में न जाते हुए किसी अन्य के पास चला गया है। इस मामले में उक्त संस्था को नामांकित किया गया था। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
जनसुनवाई में शिकायत के बाद जागा प्रशासन
कुछ निजी साख सहकारी संस्था द्वारा पहले भी ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी करके उनके पैसे डकारे जाने की घटनाएं हो चुकी है। जिसको लेकर जिले के कई मामले में दर्ज कराए गए। इसके बाद भी पूरे जिले में अभी भी चिटफंड कंपनी की तरह ही निजी साख सहकारी संस्था सक्रिय हैं। ऐसी ही सेक्रासिटी साख सहकारी संस्था में बैंकिंग का कामकाज किया जा रहा था। इस संस्था में पांच सौ से ऊपर ग्रामीणों के खाते भी ख्ुले हुए हैं। जिनमें लेनदेन भी होता है।
ऐसे ही एक मामले में हिमांशु दुबे नामक व्यक्ति की सूखा राहत राशि उसके खाते में न पहुंचकर किसी अन्य जगह पहुंच जाने पर उसने संस्था में कई बार संपर्क किया, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो हिमांशु ने जनसुनवाई में संस्था के बारे में शिकायत की। जिसके बाद कलेक्टर व एसडीएम ने संस्था की जांच के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा गया और छापामार कार्रवाई की गई।

