नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में रेलवे कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे एक नए चरण की शुरुआत करने जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi 14 मार्च को अपनी यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेल क्षमता बढ़ाना, यात्रा अनुभव बेहतर करना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
पुरुलिया–आनंद विहार एक्सप्रेस को हरी झंडी : प्रधानमंत्री पुरुलिया–आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इस नई ट्रेन सेवा से पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी।
इससे खासतौर पर पुरुलिया जिले के लोगों को पहली बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक सीधी रेल सुविधा मिलेगी, जिससे छात्रों, श्रमिकों और यात्रियों को काफी सुविधा होगी।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 6 स्टेशनों का उद्घाटन : Amrit Bharat Station Scheme के अंतर्गत पश्चिम बंगाल के कामाख्यागुड़ी, तमलुक, हल्दिया, बरभूम, अनारा और सिउरी रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया गया है। इन स्टेशनों में आधुनिक प्रतीक्षालय, बेहतर रोशनी, डिजिटल सूचना प्रणाली, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
तीसरी रेल लाइन से बढ़ेगी क्षमता : बेल्डा–दंतान के बीच लगभग 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन राष्ट्र को समर्पित की जाएगी। इससे इस व्यस्त रेल खंड पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, भीड़ कम होगी और यात्री व मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुचारू हो सकेगा।
नई सिग्नलिंग तकनीक से बढ़ेगी सुरक्षा : कलाईकुंडा और कनिमोहुली के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग (ABS) प्रणाली भी शुरू की जाएगी। इस तकनीक से ट्रेनों को कम अंतराल में सुरक्षित रूप से चलाया जा सकेगा, जिससे ट्रेनों की आवृत्ति और समयबद्धता में सुधार होगा।
पश्चिम बंगाल में रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार : रेलवे के अनुसार वर्ष 2014 से अब तक पश्चिम बंगाल में 1,400 किलोमीटर से अधिक नई रेल पटरियां बिछाई जा चुकी हैं और राज्य का पूरा रेलवे नेटवर्क 100 प्रतिशत विद्युतीकृत हो चुका है।
93 हजार करोड़ की रेल परियोजनाएं जारी : राज्य में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए वर्तमान में लगभग ₹93,000 करोड़ की परियोजनाएं विभिन्न चरणों में कार्यान्वित हो रही हैं। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण, स्टेशन आधुनिकीकरण, सुरक्षा सुधार और क्षमता विस्तार से जुड़े कई कार्य शामिल हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन पहलों से कनेक्टिविटी, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं में बड़ा सुधार होगा, साथ ही पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

