मिलावटी मसाला कारोबारी पर की गई रासुका की कार्रवाई, कई नामों से तैयार किए जा रहे थे मसाले

ग्वालियर । डबरा शहर के रुकमणि मार्केट के पीछे गोमतीपुरा में मसाला कारोबारी विनोद गोयल के यहां गत 16 जनवरी को ग्वालियर फूड विभाग ने छापामार कार्रवाई की थी। जहां से भारी मात्रा में अवैध तरीके से मसाले बनाने का काम चल रहा था। मसालों के निर्माण के दौरान मिली गड़बड़ी के बाद ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह एवं डिप्टी कलेक्टर संजीव खैमरिया द्वारा नमूनों की कराई गई जांच में अवैध तरीके से कई नामों से पैकिंग कर मसालों में मिलावट पाई गई। जिसके बाद मिलावटखोर विनोद गोयल पर शुक्रवार को एनएसए की बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद मसालों में मिलावट करने वाले कारोबारियों में हडकंप मच गया है।

जानें क्या है रासुका

नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) या राष्ट्रीय सुरक्षा कानून या फिर रासुका, एक ऐसा कानून है जिसके तहत किसी खास खतरे के चलते व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है। अगर स्थानीय प्रशासन को किसी शख्स से देश की सुरक्षा और सद्भाव का संकट महसूस होता है तो ऐसा होने से पहले ही वह उस शख्स को पकड़ सकती है।

यह कानून प्रशासन को किसी व्यक्ति को महीनों तक हिरासत में रखने का अधिकार देता है। इस कानून को 1980 में देश की सुरक्षा के लिए सरकार को ज्यादा शक्तियां देने के लिए जोड़ा गया था। कुल मिलाकर ये कानून सरकार को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी की शक्ति देता है। सरकार को यदि लगता है कि कोई शख्स देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कामों को करने से उसे रोक रहा है तो भी उस शख्स को गिरफ्तार किया जा सकता है। इस कानून का इस्तेमाल जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, राज्य सरकार अपने सीमित दायरे में कर सकती है। अगर सरकार को लगे कि कोई व्यक्ति बिना किसी मतलब के देश में रह रहा है और उसे गिरफ्तार किए जाने की जरूरत है तो सरकार उसे भी गिरफ्तार करवा सकती है।

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