राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग : एक लाख बच्चियों को शिक्षा की मुख्य धारा में पुनः जोड़ना ऐतिहासिक

नई दिल्ली  : किसी कारणवश स्कूली शिक्षा छोड़ चुकी 11 14 वर्ष की बच्चियों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी के द्वारा  “कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव” के नाम से शुरू किए गए महत्वकांक्षी अभियान की बदौलत आज 1 लाख बच्चियां शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल हो चुकी हैं।

आयोग  मंत्री के इस प्रयास की सराहना करता है और साथ इन बच्चियों का जीवन संवारने के इस प्रयास के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता है। इसके साथ ही मंत्रालय द्वारा

“पोषण ट्रेकर एप्प” के माध्य़म से जिस प्रकार प्रवासी मजदूरों के बच्चों को आंगनबाड़ी की सुविधा प्रदान की जा रही उससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार में आशातीत मदद मिल रही है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री प्रियंक कानूनगो के अनुसार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अभियान से आज इनती बड़ी संख्या में बच्चियों को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ा जाना एक ऐतिहासिक कार्य है तथा यह बच्चियों को देश के विकास का हिस्सा बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता का उत्तम उदाहरण है।

इसी तरह के प्रयासों से हम उस नवीन भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं जिसका सपना प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने देखा है।

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