नई दिल्ली : लाल किला उपद्रव मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पंजाब के अमृतसर से एक और आरोपित गुरजोत सिंह को गिरफ्तार किया है। उस पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम रखा था। तीस हजारी कोर्ट ने उसे पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है।
डीसीपी स्पेशल सेल संजीव कुमार यादव के मुताबिक गुरजोत सिंह पंजाब का रहने वाला है। 26 जनवरी को लाल किला पर झंडा फहराने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज व वीडियो फुटेज में उसकी तस्वीरें कैद हुई थीं। पुलिस अब उससे विस्तृत पूछताछ कर उपद्रव से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
सिद्धू समेत 17 हो चुके गिरफ्तार इस मामले में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू सहित 17 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। 17 मई को क्राइम ब्रांच ने 16 आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, जिनमें 13 को जमानत मिल चुकी है।
आरोप पत्र में बताया गया है कि 26 जनवरी को लाल किले पर उपद्रवियों ने न केवल ऐतिहासिक इमारत पर कब्जा कर उस पर झंडा फहराया था, बल्कि वे कृषि कानून विरोधी प्रदर्शन के लिए इसे नया ठिकाना भी बनाना चाहते थे।
तीन हजार दो सौ 23 पन्ने के आरोप पत्र में पुलिस ने बताया कि कैसे उपद्रवियों ने साजिश को अंजाम दिया। इसके लिए 26 जनवरी का ऐतिहासिक दिन चुना ताकि उस दिन लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराने से देश के लोगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी और अपमान का सामना करना पड़े।
इकबाल ने खोले थे राज लाल किले पर धार्मिक झंडा फहराने के मामले में आरोपित इकबाल सिंह से पूछताछ में पता चला था कि इस कारनामे के लिए खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फार जस्टिस ने उसे मोटी रकम देने का लालच दिया था। इसके लिए पुलिस ने एक आडियो का भी हवाला दिया है, जिसमें इकबाल की बेटी अपने एक रिश्तेदार से बात करते हुए कह रही है कि उन्हें 50 लाख रुपये मिलेंगे।
यह भी बताया गया है कि इकबाल सिंह 19 जनवरी को तरनतारन में एक बैठक में भाग लेने गया था। अधिकतर आरोपित भी तरनतारन के ही थे।
सात माह में कितनी बार घर आया गुरजोत, जांच में जुटी पुलिस तरनतारन संवाददाता के अनुसार गुरजोत की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस भी जांच करने में जुटी है कि सात माह में आखिर वह कितनी बार घर आया और उसके साथ कितने लोगों का संपर्क हुआ।
गांव तलवंडी शोभा सिंह निवासी गुरजोत के पिता जोगिंदर सिंह सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनका परिवार किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के साथ जुड़ा हुआ है। 24 जनवरी को गुरजोत गांव के अन्य किसानों के साथ ट्रैक्टर-ट्राली पर रवाना हुआ था।
जोगिंदर का कहना है कि उनका बेटा तब से घर नहीं आया और न ही उसने परिवार से संपर्क किया है। वह अपने बेटे की तलाश में कई बार दिल्ली जा चुके हैं। उधर, गांव में चर्चा है कि वह कई बार आधी रात को गांव में आ चुका है।


