नए साल में छोटे दुकानदारों को राहत : 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक, सीएम मोहन यादव ने दी सौगात

भोपाल |  मध्यप्रदेश सरकार ने नए वर्ष की शुरुआत में छोटे दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को बड़ी राहत देते हुए राज्य में श्रम कानूनों से जुड़ी निरीक्षण प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है। इस निर्णय का उद्देश्य व्यापारियों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव कम करना और राज्य में ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और बेहतर बनाना है।


दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा-निर्देशों के अनुसार श्रम विभाग द्वारा मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। संशोधन के तहत अब ऐसे दुकान और प्रतिष्ठान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा।


अनावश्यक निरीक्षणों पर लगेगी रोक : इस बदलाव से छोटे दुकानदारों को बार-बार होने वाले निरीक्षणों से राहत मिलेगी। इससे न केवल प्रशासनिक हस्तक्षेप कम होगा, बल्कि व्यापार संचालन में समय, संसाधन और लागत की भी बचत होगी।


स्व-अनुपालन को मिलेगा बढ़ावा : श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे के अनुसार, इस निर्णय से दुकानदारों और उद्यमियों में स्व-अनुपालन (Self-Compliance) की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही राज्य में व्यापार और रोजगार सृजन के लिए अधिक अनुकूल वातावरण विकसित होगा।


व्यापारियों से सहयोग की अपील : श्रम विभाग ने दुकानदारों, व्यापार संघों और उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सुधार का सकारात्मक लाभ उठाते हुए अपने व्यवसाय का विस्तार करें।


छोटे व्यवसायों को मिलेगा भरोसेमंद माहौल : सरकार के इस कदम को छोटे व्यापारियों के लिए राहतकारी माना जा रहा है, जिससे उन्हें बिना अनावश्यक बाधाओं के अपने प्रतिष्ठान संचालित करने का अवसर मिलेगा और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

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