नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह 2026 के तहत रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त पहल प्रोजेक्ट ‘वीर गाथा 5.0’ ने इस वर्ष भागीदारी के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। देशभर के करीब 1.90 लाख स्कूलों के लगभग 1.92 करोड़ छात्रों ने इस राष्ट्रीय अभियान में हिस्सा लिया, जो 2021 में शुरू हुई इस पहल की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत के वीर योद्धाओं, सैन्य परंपराओं और साहसिक गाथाओं से जोड़ते हुए उनमें देशभक्ति और नागरिक कर्तव्य की भावना को सुदृढ़ करना है। व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद राष्ट्रीय स्तर पर 100 सुपर-विजेताओं का चयन किया गया है।
इनमें प्राथमिक स्तर (कक्षा 3–5) से 25, मध्य स्तर (कक्षा 6–8) से 25 और माध्यमिक स्तर (कक्षा 9–12) से 50 विद्यार्थी शामिल हैं।
नई थीम और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा : वीर गाथा 5.0 को इस बार और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई नवाचार जोड़े गए।
पहली बार छात्रों को लघु वीडियो प्रारूपों जैसे वीडियोग्राफी, एंकरिंग, रिपोर्टिंग और कहानी कहने के माध्यम से अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इन प्रस्तुतियों में भारत के महान योद्धाओं—कलिंग के राजा खारवेल, पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज, 1857 के स्वतंत्रता सेनानी और जनजातीय आंदोलनों के नायकों—की वीरता और रणनीतियों को केंद्र में रखा गया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ी पहुंच : इस संस्करण की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि विदेशों में स्थित सीबीएसई-संबद्ध स्कूलों ने पहली बार भागीदारी की। 18 देशों के 91 स्कूलों के 28,000 से अधिक छात्रों ने अपनी प्रविष्टियां भेजीं, जिससे यह पहल वैश्विक मंच पर भी भारत की वीर परंपरा को प्रस्तुत करने का माध्यम बनी।
सम्मान और विशेष अवसर
चयनित 100 सुपर-विजेताओं को नई दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा और वे गणतंत्र दिवस परेड 2026 को कर्तव्य पथ पर विशेष अतिथि के रूप में देखने का गौरव प्राप्त करेंगे। इसके अलावा राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और जिला स्तर पर भी विजेताओं का चयन कर सम्मानित किया जाएगा।


