कृषि योजनाओं की समीक्षा बैठक : बजट उपयोग में लापरवाही पर केंद्र सरकार का सख्त रुख, राज्यों को समयसीमा का अल्टीमेटम

नई दिल्ली | केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक कर केंद्र प्रायोजित कृषि योजनाओं की प्रगति और बजट उपयोग की स्थिति का आकलन किया। बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई।


बजट उपयोग में देरी पर जताई चिंता : समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई बार छोटे प्रशासनिक और प्रक्रियागत कारणों से बजट खर्च में देरी होती है, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रभावित होता है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के लिए आवंटित बजट का उपयोग मार्च से पहले सुनिश्चित किया जाए।


समय पर खर्च न होने से राज्यों को नुकसान : केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि बजट का समय पर उपयोग नहीं होता है, तो इसका सीधा नुकसान राज्यों को उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लिए पूर्व नियोजित रणनीति बनाकर धनराशि का उपयोग किया जाए, ताकि किसानों को लाभ समय पर मिल सके और केंद्र से अगली किस्त निर्बाध रूप से जारी हो सके।


पीएम-किसान और फसल बीमा पर विशेष जोर : बैठक में पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसानों के शीघ्र सत्यापन पर जोर दिया गया। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को शामिल करने और बीमा दावों के समयबद्ध निपटान की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।


बीज, उर्वरक और केंद्र-राज्य समन्वय पर चर्चा : केंद्रीय मंत्री ने बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, उनके संतुलित उपयोग और केंद्र-राज्य समन्वय को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इन पहलुओं पर बेहतर तालमेल से कृषि योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाई जा सकती है।


राज्यों के कृषि मंत्रियों की भागीदारी : इस समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड और मिजोरम के कृषि मंत्रियों ने भाग लिया। कृषि मंत्रालय के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

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