नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए संशोधित उड़ान (UDAN) योजना लागू कर दी है। वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक संचालित होने वाली इस योजना पर 28,840 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य देश के छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों तक सस्ती और सुलभ हवाई सेवाएं पहुंचाना है। योजना के तहत 100 नए हवाई अड्डों और 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे।
9 वर्षों में 1.68 करोड़ यात्रियों को मिला लाभ : सरकार के अनुसार, उड़ान योजना शुरू होने के बाद पिछले नौ वर्षों में 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम को जोड़ते हुए 679 क्षेत्रीय मार्ग शुरू किए गए। इन मार्गों पर 3.58 लाख से अधिक उड़ानों के जरिए 1.68 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने हवाई यात्रा की सुविधा प्राप्त की है।
छोटे शहरों तक पहुंचेगी बेहतर कनेक्टिविटी : संशोधित योजना के तहत गैर-परिचालित हवाई पट्टियों पर नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे, जिससे छोटे शहरों और दूरदराज़ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके लिए अगले आठ वर्षों में 12,159 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं दुर्गम क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड भी बनाए जाएंगे।
हवाई अड्डों के संचालन को भी मिलेगा वित्तीय सहयोग : योजना में छोटे हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। सरकार तीन वर्षों तक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी, जिससे क्षेत्रीय हवाई सेवाएं लगातार संचालित हो सकें और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलें।
एयरलाइंस को मिलेगी आर्थिक सहायता : कम यात्री संख्या वाले क्षेत्रीय मार्गों को चालू रखने के लिए एयरलाइन कंपनियों को वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के माध्यम से सहायता दी जाएगी। इस मद में अगले दस वर्षों के लिए 10,043 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि छोटे शहरों में भी हवाई सेवाएं सुचारु रूप से जारी रह सकें।
स्वदेशी विमानन को मिलेगा बढ़ावा : योजना के तहत आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। पवन हंस को दो एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टर और अलायंस एयर को दो एचएएल डॉर्नियर विमान उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में हवाई सेवाओं का विस्तार होगा और घरेलू विमान निर्माण क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।

