दतिया। शहर की स्वच्छता व्यवस्था शुक्रवार सुबह अचानक चरमरा गई, जब नगर पालिका के सफाई कर्मियों ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल की घोषणा कर दी। सुबह 10 बजे से ही कर्मचारियों ने कामकाज रोक दिया और शहर के गाड़ी खाना परिसर में एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सफाई व्यवस्था को निजी हाथों (ठेकेदारी) में सौंपने के प्रस्ताव के विरोध के साथ-साथ कर्मचारी विनियमितीकरण, चालकों व मेटों की पदोन्नति और पिछले दो वर्षों से लंबित भविष्य निधि (PF) के भुगतान की मांग कर रहे हैं।
धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि जब तक नगर पालिका प्रशासन उनकी जायज मांगों पर लिखित में ठोस फैसला नहीं लेता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
बाजारों में जमा हुआ कचरा, दुकानदारों ने खुद उठाई झाड़ू : हड़ताल शुरू होते ही शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में इसका सीधा असर देखने को मिला:
➝ दुकानों के बाहर गंदगी : सुबह दुकानें खुलने के समय मुख्य मार्गों और दुकानों के सामने कचरे के ढेर लगे रहे, जिससे व्यापारियों में नाराजगी फैल गई।
➝ व्यापारियों की नाराजगी : स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि वे सुबह प्रतिष्ठानों पर पूजा-अर्चना के लिए आते हैं, लेकिन चारों ओर बिखरी गंदगी और दुर्गंध से व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। कई दुकानदारों ने खुद झाड़ू लगाकर अपनी दुकानों के सामने सफाई की और प्रशासन से तुरंत व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
कर्मचारियों के 4 प्रमुख मुद्दे और मांगें : प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपनी चिंताओं और लंबित मांगों को लेकर स्पष्ट रूप से आवाज उठाई:
1. ठेकेदारी पर रोक : कर्मचारियों को आशंका है कि सफाई का काम निजी ठेकेदारों को सौंपे जाने से वर्षों से काम कर रहे कर्मियों की रोजी-रोटी और रोजगार पर संकट आ जाएगा।
2. लंबे समय से विनियमितीकरण का इंतजार : कर्मियों ने बताया कि 1986 के बाद से नियमित भर्तियां नहीं हुई हैं। वर्ष 1993, 1998 और 2008 से लगातार सेवाएं दे रहे कई कर्मचारी आज भी दैनिक वेतन या संविदा पर हैं। 15 से 35 साल तक काम कर चुके सभी पात्र कर्मचारियों को तत्काल विनियमित किया जाए।
3. ड्राइवर और मेट की पदोन्नति : पालिका में कार्यरत 35 मेट और लगभग 45 चालकों (ड्राइवर्स) को 5 से 15 साल की निरंतर सेवा के बावजूद पदोन्नति का लाभ नहीं मिल सका है।
4. 2 साल से लंबित PF राशि : कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से उनका भविष्य निधि (PF) का अंशदान जमा नहीं किया गया है। जन्म-मृत्यु सत्यापन जैसे अन्य दायित्वों को निभाने के बावजूद उनकी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है।
पालिका प्रशासन के सामने सफाई सुचारू रखने की चुनौती : सफाई कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने के बाद नगर पालिका प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है—एक तरफ कर्मचारियों के साथ वार्ता कर समाधान निकालना और दूसरी तरफ त्योहारी सीजन से पहले शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना। यदि जल्द ही गतिरोध समाप्त नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में शहर में कचरा निस्तारण का संकट और गहरा सकता है।

