दतिया। इंदरगढ़ में होम आइसोलेट महिला की 35 किलोमीटर दूर से आक्सीजन सिलेंडर भेजकर सेवढ़ा टीआई राजू रजक ने जान बचाई। उनके इस कार्य की महिला के स्वजन सहित पूरे अनुभाग में सराहना की जा रही है। वहीं इंदरगढ़ में स्थानीय लोगों को आरोप है कि जब इंदरगढ़ थाने में 10 आक्सीजन सिलेंडर आपात िस्थिति के लिए रखवाए गए हैं, तो फिर इंदरगढ़ पुलिस क्यों नहीं सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा पाई। स्थानीय पुलिस के रवैए को लेकर लोगों में नाराजगी दिखाई दी।
जानकारी के अनुसार इंदरगढ़ निवासी दिनेश अग्रवाल की कोरोना संक्रमित मां रती देवी 75 वर्ष को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, आक्सीजन सिलेंडर के सहारे उसकी सांसे चल रही थी। सिलेंडर की आक्सीजन भी धीरे धीरे खत्म होती जा रही थी और कही से भी व्यवस्था न होने पर बेटे दिनेश ने मदद के लिए सोशल मीडिया पर एक वीडियो बनाकर मदद की गुहार लगाई। व्हाट्सएप ग्रुप पर कुछ ही मिनटों में यह वीडियो तेजी से लोगो के पास पहुंच गया ।
इस बीच यह वीडियो सेवढ़ा टीआई राजू रजक के पास जैसे ही पहुंचा तो उन्होंने गैस बेल्डरों की दुकानों पर सिलेंडर खोजने के लिए पुलिस आरक्षक सिपेंद्र गुर्जर व शैलेंद्र सिंह को दौड़ाया। काफी प्रयास के बाद एक सिलेंडर कसीम खान के यहां मिल गया। जिसे लेकर 35 मिनट के अंदर पुलिस अपने वाहन से इंदरगढ़ लेकर पहुंच गई।
आरक्षकों के हाथों में सिलेंडर देख दिनेश की आंखों में आंसू छलक पड़े। उसने सेवढ़ा टीआई राजू रजक का धन्यवाद करते हुए कहाकि देवदूत बनकर टीआई रजक ने उसकी मदद की है, जिसका वह हमेशा ऋणी रहेगा।

