दतिया (गोराघाट)। जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गढ़ी में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गांव के प्रसिद्ध माता मंदिर के पीछे झाड़ियों में एक 30 वर्षीय युवक का रक्तरंजित शव बरामद हुआ। मृतक के दोनों हाथ-पैर रस्सियों से बंधे मिले और पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। मृतक की पहचान गढ़ी निवासी मानसिंह रावत (पुत्र मैथिली रावत) के रूप में हुई है, जो रविवार शाम से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता था। परिजनों ने पुरानी पारिवारिक रंजिश के चलते षड्यंत्र रचकर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए गांव के ही 8 लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
शराब पार्टी के बहाने बुलाया, फिर बेरहमी से ली जान : मृतक के छोटे भाई दीपक रावत ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि मानसिंह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करता था:
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रविवार शाम से था लापता : रविवार देर शाम तक जब मानसिंह घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सोमवार सुबह खोजबीन के दौरान माता मंदिर के पीछे झाड़ियों में उसका बंधा हुआ शव दिखाई दिया।
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पार्टी के बहाने बुलाने का आरोप : भाई का आरोप है कि गांव के ही वीर सिंह रावत, उदयभान रावत, अंकित रावत, मरदन रावत, राहुल रावत, विक्रम रावत, बबलू रावत और रामेश्वर रावत ने मानसिंह को पहले शराब पीने के बहाने बुलाया। वहां उसे शराब पिलाने के बाद बेरहमी से पीटा गया और रस्सी से हाथ-पैर बांधकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद शव को मंदिर के पीछे छिपा दिया गया।
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पहले भी दी गई थी धमकी : परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने कुछ दिन पहले भी मानसिंह को जान से मारने की खुली धमकी दी थी।
24 साल पुरानी खूनी रंजिश: 2002 में दादा की भी हुई थी हत्या : इस हत्याकांड के पीछे दो दशकों से अधिक पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। मृतक के परिजनों ने खुलासा किया कि दोनों परिवारों के बीच वर्षों से विवाद चला आ रहा है। वर्ष 2002 में भी आरोपी पक्ष के लोगों ने मानसिंह के दादा की हत्या कर दी थी। उसी पुरानी रंजिश और वर्चस्व की आग में अब परिवार के बड़े बेटे को निशाना बनाया गया है।
पुलिस ने पीएम कराकर शुरू की आरोपियों की धरपकड़ : घटना की सूचना मिलते ही गोराघाट पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
गोराघाट थाना प्रभारी विनीत तिवारी ने बताया कि परिजनों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। नामजद सभी 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस की विशेष टीमें दबिश दे रही हैं।
एसडीओपी विनायक शुक्ला ने बताया कि यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। घटना स्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और सभी पहलुओं की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया जाएगा।

