भुवनेश्वर/मुंडली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ओडिशा के मुंडली में आयोजित Central Industrial Security Force (CISF) के 57वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वीरता, त्याग और बलिदान की प्रतीक CISF ने पिछले 56 वर्षों में औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है और आज यह देश की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत ढाल बन चुकी है।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत के औद्योगिक विकास की कल्पना CISF के बिना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में CISF देश के 70 हवाई अड्डों और 361 महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा कर रही है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने ड्रोन सुरक्षा के क्षेत्र में भी CISF को नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी है।
देश के बंदरगाहों की सुरक्षा भी संभालेगी CISF : अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में निर्णय लिया है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा भी CISF को सौंपी जाएगी। इससे समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने और 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है। इन लक्ष्यों को हासिल करने में CISF एक महत्वपूर्ण “कैटेलिस्ट” की भूमिका निभा रही है।
निजी औद्योगिक समूहों को भी देगी सुरक्षा : गृह मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में CISF हाइब्रिड मॉडल के तहत निजी औद्योगिक समूहों को भी सुरक्षा सेवाएं प्रदान करेगी। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों से लैस सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जा रही है।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में भी अहम भूमिका : अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद को समाप्त करने के अभियान में भी CISF की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने के लक्ष्य को सुरक्षा बल हासिल कर लेंगे।
₹890 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण : कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने लगभग ₹890 करोड़ की लागत से CISF से जुड़े तीन आवासीय परिसरों — कामरूप, नासिक और सीहोर — का शिलान्यास किया। इसके साथ ही राजरहाट और दिल्ली में बने दो आवासीय परिसरों का लोकार्पण भी किया गया।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री Dharmendra Pradhan, ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और CISF के अधिकारी मौजूद रहे।


