मध्यप्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूर्ण : 5 करोड़ 40 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत, 8 लाख मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज

भोपाल | भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन–SIR) अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। लगभग चार माह तक चले इस व्यापक अभियान के बाद 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। अंतिम सूची में प्रदेश में कुल 5,39,81,065 मतदाता पंजीकृत पाए गए हैं।


चार माह चला अभियान, घर-घर सर्वेक्षण : यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 27 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ हुआ था। राज्यभर में 55 जिला निर्वाचन अधिकारी, 230 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, 533 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और 71,930 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सहित हजारों कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने मिशन मोड में कार्य किया। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया गया, जिसमें दिवंगत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान की गई।


दावे-आपत्तियों का समयबद्ध निराकरण : प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक नाम जोड़ने, हटाने एवं संशोधन से संबंधित दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं। प्राप्त आवेदनों का सत्यापन कर 14 फरवरी 2026 तक उनका निराकरण कर दिया गया। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ समन्वय बैठकें भी आयोजित की गईं, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।


8.49 लाख मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि : पुनरीक्षण से पूर्व राज्य में कुल 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे। प्रारूप सूची के बाद यह संख्या 5,31,31,983 रही, जबकि अंतिम सूची में 5,39,81,065 मतदाताओं के नाम सम्मिलित किए गए। इस प्रकार प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है।


ऑनलाइन भी उपलब्ध है सूची : अंतिम मतदाता सूची सभी मतदान केंद्रों एवं निर्धारित स्थलों पर प्रकाशित की गई है। साथ ही मतदाता अपनी जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी, मध्यप्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देख सकते हैं। प्रत्येक जिले में सूची की प्रतियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को नियमानुसार उपलब्ध कराई गई हैं।

यह विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान प्रदेश में पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आगामी चुनावों की प्रक्रिया और अधिक विश्वसनीय बन सकेगी।

Share this with Your friends :

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter