स्टार प्रचारक छोडेंगे चुनावी फुलझड़ी : दीपावली पर दतिया में दिग्गजों का जमावड़ा, शाह, खरगे और प्रियंका की सभाएं

Datia news : दतिया। दीपावली पर इस बार दतिया में राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारक भी चुनावी फुलझड़ी और बयानों के पटाखे छोड़ते नजर आएंगे। अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस के बड़े नेताओं के लगातार दौरे होने वाले हैं। दतिया, सेवढ़ा, इंदरगढ़ में चुनावी सभाएं होंगी। जिसे लेकर पार्टियां भी तैयारी में जुटी हुई हैं।

सेवढ़ा क्षेत्र में दलित वोटों को संभालने के लिए जहां कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आमसभा कराने का निर्णय लिया है। वहीं दतिया विधानसभा सीट से चौथी बार मैदान में उतरे भाजपा प्रत्याशी व गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा के पक्ष में किला चौक पर सभा लेने खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दतिया आने वाले हैं।

चुनावी समर की अंतिम बेला तक अपने पक्ष में जनसमर्थन जुटाने में कोई भी प्रत्याशी कसर नहीं छोड़ना चाहता है। यही कारण है कि चुनाव प्रचार के अंतिम क्षण तक कोशिशें जारी रहने वाली हैं। इसीके चलते स्टार प्रचारकों की दौड़ भी चुनावी क्षेत्रों में लगने लगी है। दतिया विधानसभा क्षेत्र इन दिनों खासी चर्चा में है। यहां से मप्र के गृहमंत्री डा.मिश्रा एक बार फिर मैदान में है।

दीपावली बाद हर रोज एक बड़ी सभा : दीपावली पर्व 12 नबंवर को मनाने के बाद से ही हर रोज एक बड़ी चुनावी सभा दतिया में होगी। इस दौरान स्टार प्रचारकों की लगातार आमद चुनावी प्रचार को चरम पर ले जाएगी। दीपवाली के दूसरे दिन ही 13 नबंवर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, चंदेरी से शाम साढ़े पांच बजे हैलीकाप्टर से दतिया पहुंचेंगे।

पीतांबरा पीठ पर दर्शन के बाद वह किला चौक पर भाजपा प्रत्याशी डा.नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में सभा करेंगे। वहीं गोवर्धन पूजन के दिन 14 नबंवर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सेवढ़ा विधानसभा के इंदरगढ़ में पार्टी प्रत्याशी घनश्याम सिंह के पक्ष में सभा को संबोधित करेंगे।

उनके रोड शो की भी तैयारी है। भाईदूज वाले दिन 15 नबंवर को कांग्रेस की ही राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी दतिया आएंगी। जहां वह पार्टी के समर्थन में प्रचार करेंगी।

अंतिम क्षण तक होगी जोर अजमाइश : चुनावी बेला में एक-एक वोट को लेकर प्रत्याशी जद्दोजहद में है। इसे लेकर समीकरण बैठाए जा रहे हैं। हर गली मोहल्ले और गांव में दिन रात जनसंपर्क किया जा रहा है। जातीय समीकरण को देखते हुए भी पार्टी के बड़े नेताओं को बुलाकर सभाएं कराई जा रही है।

ताकि उनका असर मतदाताओें को लुभा सके। इसीके चलते 15 नवंबर को शोरगुल वाला चुनावी प्रचार खत्म हो जाएगा। इसी बीच दीपावली का बड़ा त्यौहार भी पड़ने वाला है। ऐसे में दीपावली पर्व होते ही अगले दिन से सभाएं और प्रचार की रफ्तार बढ़ने वाली है।

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