दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव के ऐलान के बाद जिले की राजनीति पूरी तरह चुनावी रंग में रंगने लगी है। भाजपा के साथ अब कांग्रेस ने भी अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में 4 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व दतिया पहुंचेगा। शहर के मोटल होटल में आयोजित होने वाले कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। माना जा रहा है कि सम्मेलन के दौरान चुनावी रणनीति के साथ-साथ संभावित प्रत्याशी के नाम पर भी मंथन हो सकता है।
मोटल होटल में होगा कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन : प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मोटल होटल में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में जीतू पटवारी के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, सांसद अशोक सिंह, विधायक सिद्धार्थ कुशवाह, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, जिला संगठन प्रभारी रामलखन दंडौतिया तथा विधानसभा प्रभारी दशरथ गुर्जर सहित प्रदेश और जिला स्तर के कई वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी शामिल होंगे। सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रहने की उम्मीद है।
कार्यकर्ताओं से करेंगे सीधा संवाद : सम्मेलन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अलग-अलग मुलाकात भी करेंगे। इस दौरान बूथ प्रबंधन, संगठन की मजबूती, चुनावी तैयारियों और आगामी रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा किए जाने की संभावना है। पार्टी का उद्देश्य चुनाव प्रचार शुरू होने से पहले संगठन को पूरी तरह सक्रिय करना है।
प्रत्याशी चयन पर टिकीं राजनीतिक निगाहें : दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस में टिकट के कई दावेदार सक्रिय हैं। ऐसे में प्रदेश नेतृत्व के इस दौरे को प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वरिष्ठ नेता स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने के बाद संभावित उम्मीदवार के नाम पर विचार-विमर्श कर सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से फिलहाल किसी भी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू, आचार संहिता लागू : निर्वाचन आयोग दतिया विधानसभा उपचुनाव का कार्यक्रम जारी कर चुका है। 6 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 16 जुलाई नाम वापस लेने की अंतिम तिथि रहेगी। 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता भी प्रभावी हो चुकी है।
दतिया की सियासत पर पूरे प्रदेश की नजर : दतिया उपचुनाव को प्रदेश की सबसे अहम राजनीतिक लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है। कांग्रेस जहां अपनी खोई हुई सीट बचाने की चुनौती के साथ मैदान में उतरेगी, वहीं भाजपा इस सीट पर वापसी के लिए पूरी ताकत लगाएगी। ऐसे में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का यह दौरा केवल एक कार्यकर्ता सम्मेलन नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति तय करने और संगठन को एकजुट करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस आखिर किस चेहरे पर भरोसा जताकर चुनावी मैदान में उतरेगी।

