दिव्यांग सशक्तिकरण को बल : अतिथि शिक्षकों को वर्ग-1 के बराबर हर माह ₹18 हजार मानदेय

भोपाल : मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम फैसला लेते हुए विभागीय संस्थाओं में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को हर महीने ₹18,000 मानदेय देने का निर्णय लिया है। यह मानदेय वर्ग-1 स्तर के अनुरूप तय किया गया है, जिससे शिक्षकों को आर्थिक मजबूती मिल सके।

इसके साथ ही, दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-4397 भी शुरू की गई है, जहां वे अपनी शिकायत और सुझाव दर्ज करा सकेंगे।


मुख्यमंत्री का संदेश : दिव्यांगता नहीं, दिव्य शक्ति : मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि दिव्यांगता किसी भी व्यक्ति की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी विशेष क्षमता का प्रतीक है। समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब दिव्यांगजन को बराबरी, सम्मान और अवसर मिलें।


दिव्यांगजनों के लिए लागू प्रमुख सुविधाएं : प्रदेश में दिव्यांगजनों के हित में कई योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:

● शासकीय नौकरियों में 4% आरक्षण
● यूडीआईडी कार्ड (विशिष्ट पहचान पत्र)
● सार्वजनिक भवनों में रैंप और सुगम सुविधाएं
● सामाजिक सुरक्षा पेंशन
● सहायक उपकरणों का वितरण
● विवाह प्रोत्साहन योजनाएं


शिक्षा और तकनीक में बढ़ावा

● विशेष स्कूलों में 168 स्मार्ट क्लास तैयार किए गए
● श्रवणबाधित दिव्यांगजनों के लिए QR कोड आधारित लाइव इंटरप्रिटर सुविधा शुरू
● दृष्टिबाधितों के लिए ब्रेल लिपि में अध्ययन सामग्री उपलब्ध


रोजगार और सहायता में बढ़ोतरी

● विशेष भर्ती अभियान के तहत 2500+ दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरी
● खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए आर्थिक सहायता
● कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों के वितरण के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत


स्वास्थ्य और पुनर्वास पर फोकस : राज्य में मानसिक स्वास्थ्य, पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। साथ ही, नशामुक्ति अभियान के तहत जागरूकता और उपचार केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।

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