बरगी क्रूज़ हादसे पर सख्त रुख : दोषियों पर गिरेगी गाज, उच्चस्तरीय जांच के आदेश — सीएम डॉ. मोहन यादव

भोपाल/जबलपुर | जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे ने पूरे मध्यप्रदेश को झकझोर दिया है। इस घटना में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, वहीं कई लोग लंबे समय तक पानी में फंसे रहे। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की और स्पष्ट संदेश दिया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इसे बेहद पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

दुर्घटना में 9 की मौत, 28 लोगों को बचाया गया
बरगी डैम में हुए इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि राहत एवं बचाव टीमों ने 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हादसे के दौरान कुछ लोग घंटों तक पानी में फंसे रहे, जिन्हें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के गोताखोरों की मदद से बाहर निकाला गया।

एक पीड़ित रियाज, जो कई घंटों तक पानी में फंसे रहे, को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला—यह इस पूरे ऑपरेशन की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, कई अधिकारी-कर्मचारी हटाए गए

1. हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए—
2. क्रूज़ पायलट महेश पटेल
3. हेल्पर छोटेलाल गोंड
4. टिकट प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं।

इसके अलावा होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित किया गया है, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन, SOP भी बनेगी
मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की है। इस समिति में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे, जो हादसे के कारणों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और संचालन प्रक्रिया की बारीकी से जांच करेंगे।

साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्रूज़ संचालन के लिए एक सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जाएगी।

बचाव दल के लिए सम्मान और आर्थिक प्रोत्साहन
इस कठिन समय में जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने वाले रेस्क्यू कर्मियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक श्रमिक को ₹51,000 की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। साथ ही, सभी बहादुर बचावकर्मियों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता

सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है 

• केंद्र सरकार की ओर से ₹2 लाख
• राज्य सरकार की ओर से ₹4 लाख

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता भले ही नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन सरकार हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

सरकार की अपील: चेतावनियों को गंभीरता से लें : मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों और दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कई बार छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती है, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।

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