समझाइस और जरूरत पड़ने पर सख्ती से लागू करें आदर्श आचरण संहिता , राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कलेक्टर और एसपी को दिये निर्देश

भोपाल : आदर्श आचरण संहिता का गंभीरता से अध्ययन कर लें। समझाइस और जरूरत पड़ने पर सख्ती से आदर्श आचरण संहिता लागू करें। विशेष प्रकरणों में अनुमति का प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजें। राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने यह निर्देश पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर और एसपी को दिये। 

सिंह ने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन कराने के लिये समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें। सिंह ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से समीक्षा की। नगरीय निकाय निर्वाचन के लिये नाम निर्देशन-पत्र ऑफलाइन के साथ ही ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं।  सिंह ने बताया कि 18 जुलाई को पूरे प्रदेश में आदर्श आचरण संहिता समाप्त हो जाएगी।

दो चरणों में होंगे नगरीय निकाय निर्वाचन
सिंह ने बताया कि दो चरणों में नगरीय निकायों का निर्वाचन किया जाएगा। निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन-पत्र लेने का कार्य 11 जून से शुरू होगा। नाम निर्देशन-पत्र 18 जून तक लिये जाएंगे। संवीक्षा 20 जून को होगी और अभ्यर्थिता से नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 22 जून है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन होगा।

प्रथम चरण का मतदान 6 जुलाई को और द्वितीय चरण का मतदान 13 जुलाई को सुबह 7 से शाम 5 बजे तक होगा। प्रथम चरण की मतगणना और परिणामों की घोषणा 17 जुलाई को, दूसरे चरण की मतगणना और परिणामों की घोषणा 18 जुलाई को सुबह 9 बजे से होगी। मतदान ईव्हीएम के माध्यम से होगा। 

सिंह ने बताया कि 49 जिलों में निर्वाचन प्रक्रिया होगी। तीन जिले अलीराजपुर, मण्डला और डिण्डौरी का कार्यकाल पूरा नहीं होने से यहाँ निर्वाचन प्रस्तावित नहीं है। निर्वाचन दलीय आधार पर होगा। पार्षद पद का चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखा का प्रावधान पहली बार किया गया है। पेड न्यूज की रोकथाम के लिये जिला स्तरीय एमसीएमसी कमेटियों का गठन और बैठक कराना सुनिश्चित करें। अभ्यर्थियों से एक महीने में लेखा व्यय जरूर ले लें।

सिंह ने कहा कि स्टेंडिंग कमेटी की बैठक समय-समय पर जरूर करें। ईव्हीएम स्ट्राँग रूम की सुरक्षा, सीसीटीव्ही निगरानी आदि के संबंध में राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों को पूरी जानकारी दें।

कानून व्यवस्था
शस्त्र लायसेंस निलंबन, सम्पत्ति विरूपण, कोलाहल नियंत्रण और सीआरपीसी के अंतर्गत प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करें। धारा 144 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर उसका पालन सुनिश्चित करायें। अवैध शराब जब्ती की कार्यवाही प्रभावी ढंग से करें।

कलेक्टर, एसपी एक साथ भ्रमण करें
राज्य निर्वाचन आयुक्त  सिंह ने कहा कि वल्नरेवल क्षेत्र में कलेक्टर और एसपी साथ में भ्रमण करें, जिससे मतदाताओं में शांतिपूर्ण मतदान के प्रति विश्वास पैदा हो। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करें।

निर्वाचन क्षेत्र में रैली, जुलूस, सभा आदि का आयोजन सक्षम प्राधिकारी के पूर्वानुमति से ही हो। कंट्रोल रूम एवं शिकायत निवारण सेल की स्थापना करें। निर्वाचन की महत्वपूर्ण घटनाओं की वीडियोग्राफी जरूर करवायें।  सिंह ने कलेक्टर्स की शंकाओं का समाधान भी किया।

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