नई दिल्ली/भोपाल | स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के अंतर्गत मध्यप्रदेश के आठ शहरों को विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्य मंत्री तोखन साहू, मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तथा राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी उपस्थित रहे। समारोह में पुरस्कृत शहरों के महापौर और नगर निगम अधिकारियों की भी सहभागिता रही।
इंदौर, उज्जैन और बुधनी को श्रेणी अनुसार सर्वश्रेष्ठ शहर का खिताब : लगातार स्वच्छता में अग्रणी रहने वाले इंदौर शहर को इस वर्ष भी 10 लाख से अधिक जनसंख्या की श्रेणी में “सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ लीग शहर” का अवॉर्ड प्राप्त हुआ। उज्जैन ने 3 से 10 लाख जनसंख्या श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ शहर का खिताब जीता, जबकि बुधनी को 20 हजार से कम जनसंख्या वाली श्रेणी में अव्वल घोषित किया गया।
भोपाल, देवास और शाहगंज को भी मिले विशिष्ट पुरस्कार : राजधानी भोपाल को 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं, देवास को 50 हजार से 3 लाख जनसंख्या श्रेणी में प्रथम और शाहगंज को 20 हजार से कम जनसंख्या श्रेणी में तृतीय स्थान मिला।
साथ ही, जबलपुर को “सफाई मित्र सुरक्षित शहर” की श्रेणी में विशेष सम्मान प्राप्त हुआ, जबकि ग्वालियर को “प्रोमिसिंग स्वच्छ शहर” के रूप में सराहा गया।
सर्वे में 203 शहरों को मिली स्टार रेटिंग, 7 स्टार क्लब में भोपाल, इंदौर, जबलपुर : राज्य के 203 शहरी क्षेत्रों को इस वर्ष स्टार रेटिंग प्रमाणन प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12% की वृद्धि को दर्शाता है। इनमें भोपाल, इंदौर और जबलपुर को 7 स्टार रैंक मिली है। देवास, रीवा और सतना को 5 स्टार, 36 शहरों को 3 स्टार और 161 शहरों को 1 स्टार रैंक प्राप्त हुई है।
स्वच्छता मित्रों की मेहनत को बताया सफलता का आधार : नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने इस उपलब्धि के लिए नगर निगमों के कर्मचारियों और विशेष रूप से सफाई मित्रों को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी नगरीय क्षेत्रों को सफाई के हर मापदंड पर श्रेष्ठ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।


