गोरखपुर/लखनऊ। भारत-नेपाल सीमा से सटे पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की अवैध अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला के खिलाफ राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। खुफिया तंत्र से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर चलाए गए एक गोपनीय अंतर्राज्यीय ऑपरेशन में डीआरआई ने नेपाल से तस्करी कर भारतीय सीमा में लाए जा रहे 591.3 किलोग्राम गांजे की भारी खेप बरामद की है। काले बाजार में पकड़े गए इस प्रतिबंधित मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। तस्करों ने सुरक्षा जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए मालवाहक ट्रक के मूल ढांचे में बदलाव कर विशेष गुप्त चैंबर तैयार किए थे। डीआरआई ने एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम, 1985 के सख्त प्रावधानों के तहत पूरी खेप और प्रयुक्त ट्रक को सीज कर आगे की कानूनी जांच तेज कर दी है।
सोनौली बॉर्डर से यूपी में दाखिल हुआ वाहन, 4 घंटे की निगरानी और टोल डेटा से ट्रैकिंग : डीआरआई की दिल्ली व लखनऊ इकाइयों को विशेष इनपुट मिला था कि नेपाल से चला एक भारी ट्रक सोनौली सीमा चौकी से उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर चुका है और बिहार की ओर जाने की फिराक में है:
चार शहरों की टीमों का साझा घेरा: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गोरखपुर स्थित डीआरआई अधिकारियों ने लखनऊ, पटना और वाराणसी की टीमों के साथ संयुक्त समन्वय स्थापित किया, जिससे तस्कर किसी भी बाईपास या वैकल्पिक मार्ग से चकमा न दे सकें।
हाईवे पर 4 घंटे का सघन ऑपरेशन: टीमों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल प्लाजा के रियल-टाइम डेटा का विश्लेषण करते हुए संदिग्ध वाहन की गतिविधियों पर लगातार 4 घंटे से अधिक समय तक नजर रखी। अंततः गोरखपुर और कुशीनगर के बीच फोरलेन मार्ग पर संदिग्ध ट्रक को चिन्हित कर सटीक रणनीति के तहत रोक लिया गया।
इंजन बोनट और चालक सीट के पीछे मिले सीक्रेट चैंबर, 81 पैकेट बरामद : सड़क किनारे जब ट्रक की सामान्य तलाशी ली गई तो वह खाली या सामान्य मालवाहक जैसा प्रतीत हो रहा था, परंतु तकनीकी परीक्षण में तस्करों की शातिराना योजना उजागर हो गई:
बॉडी मॉडिफिकेशन कर बनाए गुप्त कक्ष: वाहन की गहराई से जांच करने पर दो विशेष गुप्त कक्ष (कैविटी) मिले, जिनमें से एक इंजन बोनट के ठीक ऊपरी हिस्से में और दूसरा ड्राइवर की सीट के पीछे बॉडी पैनल में वेल्डिंग कर बनाया गया था।
फील्ड किट से हुई गांजे की पुष्टि: इन दोनों गुप्त स्थानों को खोलकर जब तलाशी ली गई, तो वाटरप्रूफ टेप से लिपटे हुए कुल 81 पैकेट बरामद हुए। मौके पर तैनात अधिकारियों ने फील्ड नारकोटिक्स डिटेक्शन किट के जरिए रासायनिक परीक्षण किया, जिसमें बरामद सामग्री के गांजा होने की पुष्टि हुई। कुल 81 पैकेटों का वजन 591.3 किलोग्राम दर्ज किया गया।
नेपाल से बिहार तक फैले सिंडिकेट की पड़ताल में जुटी एजेंसियां : डीआरआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस जब्ती से सीमा पार से संचालित होने वाले एक बड़े संगठित ड्रग्स कार्टेल की कार्यप्रणाली सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नेपाल में इस खेप को किस गिरोह ने लोड करवाया था, ट्रक में गुप्त केबिन बनाने वाले फैब्रिकेटर्स कौन हैं और बिहार में इस भारी मात्रा में गांजे की डिलीवरी किस स्थानीय रिसीवर को की जानी थी

