दतिया. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है. इसी कड़ी में शनिवार को आयोग द्वारा वीडियो कान्फ्रेंसिंग से उप चुनाव वाले 19 जिलों के निर्वाचन अधिकारियोंं को बूथ लेवल एप के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया. बूथ लेवल एप से मतदाताअों की मतदान के समय पहचान डिजिटल तरीके से हो सकेगी. इसमें मतदाता को प्रदाय वोटर स्लिप को मतदान केन्द्र पर स्केन करते ही उस समय तक कितने मतदाताअोंं द्वारा मतदान किया जा चुका है, इसकी पूरी जानकारी सर्वर पर मिल जाएगी अौर रीयल टाइम में मतदान का प्रतिशत भी ज्ञात हो सकेगा.
यदि कोई मतदाता दोबारा वोट डालने आ जाता है तो बूथ लेवल एप तत्काल उसकी पहचान कर लेगा. इससे फर्जी मतदान रोकने में सुविधा होगी. प्रशिक्षण में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के तकनीकी अधिकारी भी उपस्थित थे. प्रशिक्षण के दौरान अधिकारी कर्मचारियों को बूथ लेवल एप के इस्तेमाल और तकनीक के बारे में जानकारी दी गई। मतदान केंद्र पर तैनात रहने वाले कर्मचारियों को समझाइश दी गई वे इस एप का उपयोग कर मतदान प्रतिशत और फर्जी मतदान पर निगरानी को लेकर कारगर प्रयास करें. गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग द्वारा बूथ लेबल एप का इस्तेमाल कराए जाने से जहां एक मतदाता दो बार मतदान नहीं कर पाएगा वहीं केंद्र पर मतदान के प्रतिशत के बारे में जानकारी मिलने में आसानी हो जाएगी.

