भारतीयों को निकालने में रूस करेगा मदद, छात्र की मौत के मामले की होगी जांच

नई दिल्ली : रूस ने बुधवार को कहा कि वह यूक्रेन के खारकीव, सुमी एवं अन्य संघर्ष वाले इलाकों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित रास्ता देने के लिये ‘मानवीय गलियारा’ बनाने के वास्ते गहनता से काम कर रहा है। भारत में रूस के राजदूत पद के लिए नामित डेनिस अलीपोव ने संवाददाताओं से कहा कि यूक्रेन में खारकीव

सूमी और अन्य संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर रूस, भारत के साथ लगातार सम्पर्क में है और जितनी जल्द हो सकेगा, सुरक्षित रास्ता तैयार हो जायेगा । उन्होंने कहा, ‘‘ हम यूक्रेन में संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों के लिए गलियारा और सुरक्षित मार्ग बनाने पर गहनता से काम कर रहे हैं ।’’

उन्होंने कहा कि संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से रूसी क्षेत्र तक सुरक्षित गलियारा बनाने के तरीकों पर विचार किया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि यूक्रेन से भारतीयों की वापसी के लिए गलियारा कब चालू होगा, भारत में रूस के राजदूत पद के लिए नामित डेनिस अलीपोव ने कहा कि यह जल्द से जल्द होगा ।

एक अन्य सवाल के जवाब में अलीपोव ने कहा कि यूक्रेन संकट के मद्देनजर रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण भारत को एस-400 मिसाइल प्रतिरक्षा प्रणाली की आपूर्ति करने में कोई बाधा नहीं दिखती है। अलीपोव ने कहा कि यूक्रेन की स्थिति के आकलन के आधार पर भारत का ‘‘निष्पक्ष’’ रुख सिर्फ इसलिए नहीं है कि वह रूसी हथियारों पर निर्भर है।

उन्होंने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र में हमारी स्थितियों को लेकर समन्वय कायम करते हैं और भारत को अपने रुख के बारे में सूचित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति के बारे में भारत के साथ नवीनतम जानकारी साझा करने का हम हरसंभव प्रयास करते हैं ।

Written &Source By : P.T.I

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