दतिया जिला अस्पताल की शर्मनाक हालत : स्टाफ की लापरवाही से प्रसूता का खुले परिसर में ही हो गया प्रसव, महिलाओं ने चादर की ओट में करवाई डिलीवरी

Datia News : दतिया । जिला अस्पताल के महिला स्टाफ की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई। जब एक गर्भवती महिला का प्रसव अस्पताल के खुले परिसर में हो गया। वहां आसपास मौजूद महिलाओं ने जब यह देखा तो उन्होंने जल्दी से चादर लाकर प्रसूता के आसपास ओट कर दी।

इस शर्मनाक िस्थति पर अस्पताल प्रबंधन भी चुप्पी साधे हुए। जबकि इस मामले को लेकर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। अस्पताल खुले परिसर में प्रसव हो जाने के मामले ने व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस मामले का वीडियो रविवार को सुबह वायरल हुआ है। जिसमें एक गर्भवती महिला दर्द से कराहती हुई दतिया के जिला अस्पताल के फर्श पर लेटी हुई है और उसे वहीं पर डिलीवरी भी हो गई। इस सबको वहां का चिकित्सा स्टाफ देखता रहा।

वीडियो वायरल होने के बाद जब मामला सीएमएचओ तक पहुंचा तो उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित मेडिकल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के आदेश भी दिए हैं, किंतु किसी का कोई निलंबन अभी तक नहीं किया गया है।

जानकारी के अनुसार प्रसूता गुरुबख्श खान पति रशीद खान निवासी इंदरगढ़ जिला अस्पताल के मेटरनिटी विंग में प्रसव पीड़ा होने पर अपनी ननद के साथ दिखाने आई थी। जहां डाॅक्टर ने उसे अगले माह डिलीवरी होने की बात कहकर जाने को कह दिया। दर्द ज्यादा होने पर प्रसूता व उसके स्वजन अस्पताल में ही रूक गए।

उन्होंने इस बारे में स्टाफ नर्स को भी बताया। लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। इसी दौरान सुबह 4 बजे दर्द ज्यादा होने पर परिवार वाले उसे झांसी ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच अस्पताल के खुले परिसर में महिला को प्रसव हो गया।

प्रसूता गुरुबख्श खान की ननद रिजवाना बानो ने बताया कि वह 20 सितंबर को इंदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसे लेकर दिखाने गई थी। जहां बच्चे की धड़कन कम होने पर प्रसूता की हालत बिगड़ती देख उसे जिला चिकित्सालय दतिया के लिए रैफर कर दिया गया।

जिला चिकित्सालय दतिया में जगह नहीं मिलने के कारण अस्पताल के काेरिडोर में ही प्रसूता फर्श पर लेट गई। देखते ही देखते उसे कुछ देर बाद फर्श पर ही डिलीवरी भी हो गई। अन्य महिलाओं की मदद से चादर की आढ़ करके उसका प्रसव कराया गया। प्रसव के दौरान अस्पताल का पूरे फर्श पर खून फैल गया।

यह सब देखकर चिकित्सालय स्टाफ के भी हाथ पांव फूल गए और बाद में प्रसूता को अस्पताल के कक्ष में बेड दिया गया। जिला अस्पताल का स्टाफ इस मामले से कन्नी काट रहा है और इस संदर्भ में कोई भी बात करने को तैयार नहीं है।

इस मामले में प्रसूता की ननद का कहना है कि मांगने पर उसने जिला अस्पताल के स्टाफ को पैसे भी दिए थे। लेकिन फिर भी समय पर उपचार नहीं मिला।

इस मामले में मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आर.बी. कुरेले ने बताया कि वायरल वीडियो के माध्यम से मुझे भी इस घटना की सूचना मिली है। इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

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