अभिमान और अभिमत्ता से दूर रहने का उदाहरण दतिया में देखने को मिला : कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने की गृहमंत्री के परिवार की सराहना, दूसरे दिन भी उमड़ा भक्तों का सैलाब

Datia news : दतिया। अभिमान और अभिमत्ता से दूर रहने का अगर कोई उदाहरण मिला है ताे वह दतिया में देखने को मिला। जहां गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा के परिवार का कोई सदस्य हमें यह कहता नहीं दिखा कि हम गृहमंत्री के बेटे, भाई हैं या बहू हैं। सभी लोग सिर्फ सेवाभाव और शिवभक्त व माई के भक्त के रूप में नजर आए। जबकि अगर किसी साधारण से व्यक्ति की भी मंत्री आदि से पहचान होती है तो वह अहंकार में बोलता है। लेकिन गृहमंत्री डा.मिश्रा के परिवार में अभिमत्ता जैसी बात कहीं नजर नहीं आई। यह बात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं के बीच दतिया में कही।

कथा के दूसरे दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवमहापुराण में चंद्रमा की शिवभक्ति के प्रसंग का विस्तार से वर्णन सुनाया। उन्होंने कहाकि दुनिया सुख के समय हमेशा आगे रहती है। लेकिन दुख के समय लोग पीछे हट जाते हैं। जिस तरह बारात में दूल्हा पीछा रहता है, लेकिन बाराती सबसे आगे नाचते गाते चलते हैं।

लेकिन किसी की शवयात्रा में घर के लोग भी पीछे ही चलते है। यह सत्य इस बात का अहसास कराता है कि सिर्फ भोलेबाबा के अलावा इस संसार में कोई सच्चा साथी नहीं। कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमकर थिरकते नजर आए। पंडित मिश्रा ने ‘हम तो बाबा के भरोसे चलते हैं’ भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद अन्य भजनों ने भी कथा को भक्तिमय बना दिया।

पत्तल पर लिखकर भेजी पाती : कथा के दौरान दिलचस्प स्थिति तब देखने को मिली जब व्यास पीठ से पंडित मिश्रा भक्तों के पत्रों को पढ़कर उनकी शिवभक्ति के बारे में जानकारी दे रहे थे। इसी बीच नरवर शिवपुरी निवासी मांडवी जादौन की पाती पंडित मिश्रा के पास पहुंची। कागज की पत्तल पर लिखी पाती को पढ़कर पंडित मिश्रा ने सभी को सुनाया। जिसमें उनकी शिवभक्ति की कृपा का जिक्र था। इस दौरान पंडित मिश्रा ने कहाकि पत्तल पर सिर्फ पत्र भेजा, कुछ खाने की वस्तु भी भेज देती तो और अच्छा होता। यह सुनकर पंडाल में ठहाके गूंज उठे।

फिल्म ओएमजी-2 के सीन पर जताई नाराजी : दतिया में शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ओएमजी-2 में भगवान शंकर को एक दुकान पर कचौड़ी लेते हुए फिल्माए गए सीन पर नाराजगी जताते हुए कहाकि इस तरह की फिल्म बनाने वालों को शर्म आना चाहिए।

उन्होंने कहाकि कोई हनुमान जी का रूप रखकर, कोई शंकर जी का रूप रखकर, कोई रामजी का और कृष्ण का रुप रखकर हमारी कथा में मंच के सामने व्यास पीठ के सामने नाचता है तो हम कैमरे वालों से मना कर देते हैं कि एक का भी फोटो नहीं दिखना चाहिए। हमारे देवता इस पृथ्वी पर मनोरंजन के लिए पैदा नहीं हुए हैं। हमारे सनातन धर्म का अपमान हो ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहाकि जब गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा द्वारा पठान फिल्म के गाने के विरोध की क्लिप उनके पास आई तो उन्होंने तय कर लिया था कि दतिया में एक कथा जरुर की जाएगी।

एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पाई प्रसादी : पार्थिव शिवलिंग निर्माण और शिव महापुराण कथा के दौरान विशाल भंडारा भी हर रोज दोपहर से शाम तक आयोजित हो रहा है। कथा के दूसरे दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

इस दौरान भंडारे में भी एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की। भंडारे में सेवादारों ने डा.सुकर्ण मिश्रा एवं विवेक मिश्रा की देखरेख मेें कार्य व्यवस्था संभाली। वहीं सुकर्ण मिश्रा एवं विवेक मिश्रा स्वयं भी श्रद्धालुओं के बीच भोजन प्रसादी परोसने में मदद करते नजर आए।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter
error: Content is protected !!