3 मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण : जानिए ग्रहण का पूरा टाइम-टेबल, सूतक काल और किन शहरों में दिखेगा असर

नई दिल्ली : 3 मार्च 2026 (मंगलवार, 12 फाल्गुन 1947 शक संवत) को पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। यह ग्रहण भारत के सुदूर पश्चिमी भाग के कुछ स्थानों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रहण की शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर 3:20 बजे होगी और इसका समापन शाम 6:48 बजे होगा।

ग्रहण की पूर्ण अवस्था (समग्रता) शाम 4:34 बजे शुरू होगी और 5:33 बजे समाप्त होगी। ग्रहण की तीव्रता 1.155 रहेगी।

यह खगोलीय घटना पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कई हिस्सों में भी देखी जाएगी।

भारत में कहां दिखाई देगा ग्रहण : उत्तर-पूर्व भारत और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में चंद्रोदय के समय ग्रहण दिखाई देगा। कई शहरों में चंद्रमा आंशिक चरण के बाद उदित होगा, इसलिए वहां ग्रहण का प्रारंभिक भाग दिखाई नहीं देगा।

दिल्ली में चंद्रोदय लगभग 6:22 बजे, मुंबई में 6:45 बजे, कोलकाता में 5:39 बजे और भोपाल में 6:24 बजे होगा।

अगला चंद्र ग्रहण : भारत में दिखाई देने वाला अगला चंद्र ग्रहण 6 जुलाई 2028 को होगा, जो आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा। इससे पहले 7-8 सितंबर 2025 को पूर्ण चंद्र ग्रहण देखा गया था।

चंद्र ग्रहण क्या है? : चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और तीनों खगोलीय पिंड एक सीध में होते हैं।

● जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तब पूर्ण चंद्र ग्रहण होता है।
● जब चंद्रमा का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की छाया में आता है, तब आंशिक चंद्र ग्रहण होता है।

यह जानकारी India Meteorological Department के पोजिशनल एस्ट्रोनॉमिकल सेंटर, कोलकाता द्वारा जारी की गई है।

अलग-अलग राज्यों में अलग रहेगा नज़ारा : ग्रहण का दृश्य पूरे देश में एक जैसा नहीं रहेगा। पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों—जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड—में चंद्रमा के उदय के समय पूर्ण ग्रहण की स्थिति बन सकती है, जिससे वहां टोटैलिटी का बेहतर दृश्य देखने को मिलेगा।

वहीं उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिम भारत के अधिकांश शहरों—जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मुंबई—में चंद्रमा उदय के समय पहले से ही ग्रहणग्रस्त रहेगा। ऐसे में दर्शकों को ग्रहण का अंतिम चरण अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।


सूतक काल का समय : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से लगभग नौ घंटे पूर्व आरंभ हो जाता है। चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य है, इसलिए सूतक से जुड़े नियमों का पालन किया जाएगा।

● सूतक प्रारंभ : 3 मार्च 2026, सुबह 6:20 बजे
● सूतक समाप्त : शाम 6:47 बजे (ग्रहण समाप्ति के साथ)


ग्रहण के बाद क्या करें? : परंपराओं के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है। कई लोग गंगाजल मिलाकर स्नान करते हैं और घर में शुद्धिकरण करते हैं। इसके बाद पूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन और दान-पुण्य किया जाता है।

मान्यता है कि चावल, दूध, चीनी या सफेद वस्त्र का दान शुभ फल देता है। ग्रहण के बाद ताजा भोजन बनाकर ही ग्रहण करना उचित माना जाता है।

3 मार्च की शाम आसमान में दिखने वाला यह पूर्ण चंद्र ग्रहण खगोल विज्ञान के साथ-साथ धार्मिक आस्था के लिहाज से भी खास महत्व रखेगा।

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