किसानों की समृद्धि ही सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव , 62 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात !

दतिया : जिले के भांडेर में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि, सिंचाई, पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, जिले में 62.23 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया गया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है और कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन तथा खाद्य प्रसंस्करण को भी आय के स्रोत के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और नई तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में हितग्राहियों को कृषि यंत्र एवं अन्य लाभ भी वितरित किए गए।


62.23 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दतिया जिले में लगभग 62.23 करोड़ रुपये की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इनमें सांदीपनि विद्यालय, रतनगढ़ में यात्री निवास, स्टेडियम सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही हितग्राहियों को कृषि यंत्र, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित लाभ भी वितरित किए गए।


यशोदा योजना: स्कूली बच्चों को मिलेगा दूध : शिक्षा और पोषण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस शैक्षणिक सत्र से यशोदा योजना के तहत शासकीय स्कूलों के बच्चों को दूध के पैकेट वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले से ही छात्रों को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म, साइकिल, लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं प्रदान कर रही है।


बुंदेलखंड में सिंचाई क्रांति, पलायन पर लगेगा विराम : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ा है—जो कभी 7.5 लाख हेक्टेयर था, अब बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर हो चुका है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र को पर्याप्त जल मिलेगा, जिससे किसानों का पलायन रुकने की उम्मीद है।


कृषि यंत्रीकरण और नरवाई प्रबंधन पर जोर : किसानों को फसल अवशेष (नरवाई) न जलाने की सलाह देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। राज्य सरकार हैप्पी सीडर जैसी मशीनें उपलब्ध करा रही है, जिससे किसान भूसा बनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। साथ ही, छोटे किसानों को सस्ती दरों पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।


पशुपालन से बढ़ेगी आय, कामधेनु योजना को बढ़ावा : मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत 25 गायों की इकाई पर 40 लाख रुपये की परियोजना में 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य दूध उत्पादन को 9% से बढ़ाकर 20% तक पहुंचाना है।


किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य और आर्थिक सहायता : सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं—

● गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
● भविष्य में 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीद
● सरसों को भी भावांतर भुगतान योजना में शामिल किया गया
● किसानों को सालाना 12,000 रुपये सम्मान निधि (केंद्र + राज्य)


धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास : मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इंदौर के पास जानापाव को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है, वहीं डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े तीर्थ के पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है।


किसान से मुलाकात ने बनाया भावुक पल : कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री अचानक एक किसान के खेत पहुंचे और स्ट्रॉ रीपर मशीन का निरीक्षण किया। किसान ने भावुक होकर कहा—“ऐसा लग रहा है जैसे शबरी को राम मिल गए हों।” यह पल कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बन गया।


प्रदर्शनी और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी : सम्मेलन में विभिन्न विभागों द्वारा नरवाई प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और सरकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें 20 से अधिक स्टॉल शामिल थे। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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