तेजी से बढ़ रहा डेल्टा वैरिएंट का कहर : आ चुकी है कोरोना की तीसरी लहर, WHO ने जारी की ये चेतावनी

जेनेवा, एएनआइ : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसस ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर को लेकर दुनिया को आगाह किया है। कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के बढ़ते कहर के बीच उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से हम अब तीसरी लहर के प्रारंभिक दौर में हैं।’

टेड्रोस ने कहा कि सामाजिक गतिविधियों के बढ़ने और रोकथाम के उपायों के असंगत उपयोग के चलते डेल्टा वैरिएंट के पांव पसारने के साथ ही नए मामलों और मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने बताया, ‘डेल्टा वैरिएंट अब 111 देशों में पहुंच गया है और जल्द ही पूरी दुनिया में हावी हो सकता है।’

टेड्रोस ने टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की अपील करते हुए दोहराया कि हर देश में सितंबर तक 10 फीसद आबादी का टीकाकरण पूरा हो जाना चाहिए। जबकि साल के आखिर तक 40 फीसद आबादी को वैक्सीन की दोनों डोज लग जानी .

मरने वालों की संख्या में नौ हफ्ते गिरावट के बाद शुरू हुई बढ़ोतरी 

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, डब्ल्यूएचओ ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कोरोना से मरने वालों की संख्या में लगातार नौ हफ्ते से गिरावट आ रही थी, लेकिन गत हफ्ते इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पिछले सप्ताह तीन फीसद की बढ़ोतरी के साथ 55 हजार से ज्यादा पीड़ितों की मौत हुई। जबकि इस अवधि में कोरोना के नए मामले भी 10 फीसद बढ़ गए। गत सप्ताह दुनिया में करीब 30 लाख नए मामले पाए गए। ब्राजील, इंडोनेशिया और ब्रिटेन जैसे देशों में संक्रमण बढ़ने से यह उछाल आ रहा है। 

कोरोना के स्त्रोत पर शुरुआती आंकड़ें उपलब्ध कराए चीन

रायटर’ के मुताबिक, घेब्रेयेसस ने गुरुवार को कहा कि चीन में कोरोना महामारी के स्त्रोत की जांच संक्रमण फैलने के शुरुआती दिनों के आंकड़ों के अभाव में बाधित हो रही थी.

उन्होंने चीन से आग्रह किया कि इस मामले में वह और ज्यादा पारदर्शिता व खुलापन दिखाए और सहयोग करे। प्रस्तावित दूसरे चरण के अध्ययन के बारे में टेड्रोस शुक्रवार को संगठन के 194 सदस्य देशों को जानकारी देंगे।

डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में एक टीम ने चीन शोधकर्ताओं के साथ वुहान शहर के मध्य में चार हफ्ते गुजारे थे। मार्च में उन्होंने अपनी संयुक्त रिपोर्ट में कहा था कि कोरोना वायरस संभवत: चमगादड़ों से किसी अन्य जानवर के जरिये मनुष्यों में फैला है।

इसमें लैब की किसी घटना के जरिये वायरस के प्रसार को अत्यंत असंभव बताया गया था।

लेकिन अमेरिका सहित कई देश और कुछ विज्ञानी इससे संतुष्ट नहीं थे। वहीं, चीन ने कोरोना वायरस के वुहान लैब से निकलने की थ्योरी को बकवास करार दिया है। उसने बार-बार कहा है कि मसले के राजनीतिकरण से जांच बाधित होगी। 

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