कोलकाता से PM मोदी और जबलपुर से राष्ट्रपति का संदेश, ‘स्वस्थ जीवन के लिए योग ही है मूलमंत्र’; 130 देशों के 30 लाख लोगों की रही भागीदारी !

नई दिल्ली/जबलपुर/कोलकाता। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर सहित विश्व के अनेक देशों में योग कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में भाग लिया, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होकर देशवासियों एवं विश्व समुदाय को योग दिवस की शुभकामनाएं दीं।


जबलपुर में राष्ट्रपति ने किया योग, बताया मानवता के कल्याण का मार्ग : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक धरोहर का ऐसा अमूल्य उपहार है, जिसने पूरी मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन जीने की दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और संपूर्ण मानवता को व्यापक विश्व-चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। उन्होंने लोगों से योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।


‘Yoga for Healthy Ageing’ थीम को बताया समय की आवश्यकता : राष्ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम ‘Yoga for Healthy Ageing’ को अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने की प्रेरणा देता है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन भी प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।


कोलकाता से प्रधानमंत्री मोदी का संदेश : योग जोड़ता है दुनिया को : कोलकाता में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 21 जून अब केवल वर्ष का सबसे लंबा दिन नहीं, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव बन चुका है। हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक और भारत से लेकर दुनिया के अनेक देशों तक योग की ऊर्जा लोगों को एक सूत्र में जोड़ रही है।

 

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प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित ढंग से जीने की कला है। योग हमें अनुशासित जीवन, मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा प्रदान करता है।


स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद की धरती से योग का संदेश : प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की धरती ने स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, महर्षि अरविंद और लाहिड़ी महाशय जैसे महान योगियों को जन्म दिया, जिन्होंने योग की परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि योग का मूल भाव जुड़ाव है और यही जुड़ाव मानवता की सबसे बड़ी शक्ति है।


उम्र नहीं, क्षमता बढ़ाने का माध्यम है योग : प्रधानमंत्री : ‘Yoga for Healthy Ageing’ थीम पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग बढ़ती उम्र को व्यक्ति की क्षमता में बाधा नहीं बनने देता। योग शरीर को लचीला, मन को शांत और जीवन को ऊर्जावान बनाए रखता है।

 

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उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हम 40 वर्ष की उम्र में 20 वर्ष से अधिक लचीले, 50 वर्ष की उम्र में 30 वर्ष से अधिक ऊर्जावान और 70 वर्ष की उम्र में भी जीवनशैली संबंधी बीमारियों से अधिक सुरक्षित रहें। योग इस दिशा में सबसे प्रभावी साधन है।


‘योग 365’ अभियान में 130 देशों के 30 लाख लोगों की भागीदारी : प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखते हुए ‘योग 365’ अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत 100 दिनों के ऑनलाइन योग कार्यक्रम में 130 देशों के 30 लाख से अधिक लोगों ने भाग लेकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।


स्वस्थ व्यक्ति से बनेगा स्वस्थ विश्व : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने अपने संबोधन में योग को स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ विश्व निर्माण का आधार बताया। दोनों नेताओं ने देशवासियों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि संतुलित, सकारात्मक और सफल जीवन जीने का मार्ग है।

विशेष : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम – “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग)

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