Datia news : दतिया। गांव में हुई दुश्मनी का बदला लेने कातिल शहर तक पहुंच गए। जहां उन्होंने अपने निशाने पर उस युवक को ले लिया, जिससे बदला पूरा करना था। इस पूरी कहानी ने पुलिस के सामने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिनका जबाब तलाशने के लिए पुलिस की टीमें अब उन आरोपितों तक पहुंचने में लगी हैं, जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है।
मात्र तीन दिन के अंतराल में शहर में एक और हत्या हो जाने की घटना ने पुलिस प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी। यह घटनाएं भी किसी गली मोहल्ले में नहीं बल्कि शहर की उन व्यस्तम सड़कों पर हुईं हैं, जहां से सैकड़ों वाहन और लोगों की आवाजाही रहती है।
गोलियाें की इस तरह खुलेआम गूंज ने आसपास के लोगों को भी सहमा दिया है। अब पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि जल्दी ही इन मामलों के आरोपितों तक पहुंचा जाए।
मंगलवार सुबह धीरपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जैतपुर निवासी रामपाल गुर्जर पुत्र लाखनसिंह गुर्जर अपने दो दोस्त खुश गुर्जर और भगवानसिंह के साथ बुंदेला कालोनी स्थित घर से गांव जाने के लिए निकला था।
दोनों दोस्तों के बाद बाइक पर रामपाल सवार था। इसी बीच झांसी बाइपास पर सीतासागर के सामने ही दो अन्य बाइकों पर हमलावर भी पहुंच गए। उन्होंने रामपाल के सिर की तरफ कट्टा ताना और गोली दाग दी। गोली सीधे रामपाल के सिर में जा धंसी और कुछ मिनिटों में ही उसकी सांसें थम गई।
इस हमले के बाद बाइक भी अनियंत्रित होकर गिर पड़ी और दोस्त किसी तरह संभल सके। लेकिन रामपाल की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद हमलावर भागने में सफल हो गए। मृतक के साथियों ने इस बात की खबर पुलिस को दी।
जिसके बाद मौके पर कोतवाली पुलिस पहुंची। मौके से साक्ष्य जुटाए गए। साथ ही घटनास्थल पर फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी मामले से जुड़े तथ्यों को जांचा।
दोस्त बोला दीपावली पर हुआ था विवाद : मृतक रामपाल के दोस्त खुश गुर्जर से जब पुलिस ने घटना के बारे में पूछताछ तो उसने बताया कि अक्टूबर में दीपावली के समय गांव के ही परिहार समाज के कुछ लोगों ने विवाद हुआ था। लेकिन यह नहीं मालूम था कि बात जान तक पहुंच जाएगी।
इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस ने आधा दर्जन के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। जिन लोगों को नामजद किया गया है उनमें अंशुल परिहार, केपी परिहार, मलखान परिहार और तीन अन्य पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपितों की तलाश में है।
तीन दिन में दूसरा मर्डर : पिछले तीन दिनों में हत्या का यह दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले गत शनिवार 10 जनवरी को पट्ठापुरा में सुरेंद्र यादव पुत्र राममिलन की करीब एक दर्जन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस घटना के आठ नामजद और चार अज्ञात आरोपितों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। लेकिन अभी इनके आरोपितों की तलाश चल ही रही थी कि इसी बीच झांसी बाइपास पर रामपाल गुर्जर को गोली मार दी गई है। लगातार मर्डर की इन घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अब आरोपितों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने में लगी हुई है।


