जिसकी मन्नत के जबारे लेकर आए थे उसी ने तोड़ दिया दम : दर्दनाक हादसे में उप्र के परिवार का बुझा चिराग

Datia news : दतिया। पिता को यह पता भी नहीं था कि जिस बेटे के जन्म की मन्नत पूरी करने के लिए पिछले नौ वर्ष से जवारे लेकर मंदिर आ रहे हैं, वह बेटा कुछ देर बाद मौत की आगोश में समा जाएगा।

यह दर्दनाक हादसा मंगलवार को रतनगढ़ माता मंदिर के निकट सिंध नदी क्षेत्र में उस समय घटित हुआ, जब मृतक के परिवार के लोग स्नान करने के बाद जबारे लेकर माता के दरबार में जाने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन जिसकी मन्नत के जवारे लेकर वह आए थे, वो बालक ही गायब था। जिसके बाद वहां अफरा तफरी मच गई।

खोजबीन करने पर पता लगा कि रतनगढ़ माता मंदिर के पास सिंध नदी में नहाते समय नौ वर्षीय दिव्यांश की डूबने से मौत हो गई। मृतक किशोर उप्र के झांसी जिले के मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम छपार का रहने वाला था। दिव्यांश अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। घटना मंगलवार सुबह की बताई जाती है।

जानकारी के अनुसार ग्राम छपार निवासी धर्मेंद्र झा अपने पुत्र दिव्यांश और अन्य रिश्तेदार व गांव के लोगों के साथ रतनगढ़ माता मंदिर में जवारे चढ़ाने आया था। धर्मेंद्र ने संतान प्राप्ति के लिए रतनगढ़ माता से मन्नत मांगी थी।

मन्नत के बाद दिव्यांश का जन्म हुआ। तब से हर साल वे परिवार सहित मंदिर में जवारे चढ़ाने आते थे। इस बार भी वे दिव्यांश को साथ लेकर आए थे।

मंदिर में जवारे चढ़ाने से पहले सिंध नदी में स्नान की परंपरा है। सभी लोग नदी में नहा रहे थे। इस बीच दिव्यांश भी नहाने के लिए पानी में उतर गया। थोड़ी देर बाद सभी लोग घाट पर लौट आए, लेकिन दिव्यांश नहीं दिखा। उसके कपड़े घाट पर रखे मिले।

यह देख स्वजन घबरा गए। उन्होंने आसपास खोजबीन की, जब दिव्यांश कहीं नजर नहीं आया तो घटना आशंका के चलते अटरेटा थाने जाकर इस बात की सूचना दी और गुमशुदगी दर्ज कराई।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू की। गोताखोरों ने करीब दो घंटे की खोजबीन के बाद सुबह 11 बजे पुल के पिलर के पास जमा मिट्टी से दिव्यांश का शव बाहर निकाला।

शव को पीएम के लिए सेवढ़ा भेजा गया। जिसे पीएम के बाद स्वजन को सौंपा दिया गया। अटरेटा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है। दिव्यांश की मौत से परिवार में गहरा शोक है।

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