Datia news : दतिया। आपदा के समय ही अवसर तलाश रहे कंट्रोल संचालक को बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में कम राशन बांटते रंगे हाथों पकड़ा गया है।
कंट्रोल संचालक की इस हरकत पर वहां पहुंचे कलेक्टर संजय कुमार ने ग्रामीणों के सामने ही उसको जमकर लताड़ लगाई। अन्य कंट्रोल संचालकों को नसीहत देते हुए कलेक्टर ने उक्त कंट्रोल संचालक को खूब खरी-खोटी सुनाई। दतिया कलेक्टर को शायद ही किसी ने इतने गुस्से में देखा होगा।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम हिनोतिया में भ्रमण के दौरान लेकिन जब कंट्रोल संचालक की करतूत पकड़ी गई तो वह झल्ला उठे ओर कन्ट्रोल संचालक को जमकर ग्रामीणों के सामने लताड़ा।
कलेक्टर संजय कुमार शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम हिनोतिया पहुंचे थे। जहां उन्होंने ग्रामीणों से राशन वितरण की चर्चा कर उनका हाल चाल जाना।
कलेक्टर ने बाढ़ पीड़ितों से पूछा कि राशन कितना मिला है। बस फिर क्या था कलेक्टर के पूछने पर ग्रामीणों ने बता दिया कि किसी को 30, किसी को 40 किलो ओर किसी को सिर्फ 70 किलो ग्राम में से 35 किलो ही राशन वितरण किया गया।
कलेक्टर को जब इस बात की जानकारी ग्रामीणों द्वारा दी गई तो ग्राम में ही चौपाल लगाकर उन्होंने चर्चा की और कंट्रोल संचालक कन्हैयालाल निरंजन को सबके सामने बुलाकर कम राशन वितरण करने का कारण पूछा। जिस पर कंट्रोल संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर कलेक्टर ने संचालक को जमकर फटकार लगाई।
फटकार लगाते हुए कलेक्टर ने कहा चोट्टेबाजी करता है, उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को कंट्रोल संचालक के विरुद्ध एफआईआर के निर्देश दिये।
मालूम हो कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत जिले में अन्न उत्सव मनाया जाना था, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अन्न उत्सव नहीं मनाकर साधारण तरीके से राशन वितरण किया जा रहा है।
वहीं बाढ़ पीड़ितों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का राशन के अलावा 50 किलो गेहूँ बांटा जाना है। लेकिन हिनोतिया का कंट्रोल संचालक प्रधानमंत्री ओर मुख्यमंत्री गरीब कल्याण योजना के राशन पर डांका डालने लगा और बाढ़ पीड़ित उपभोक्ताओं को कम राशन वितरण किया।
जबकि इसकी निगरानी के लिए जिले की 254 उचित मूल्य की दुकानों पर नोडल अधिकारी तैनात किए गए थे। उल्लेखनीय है कि प्रति व्यक्ति के मान से पांच किलो गेंहू एवं चावल प्रत्येक माह वितरण किया जाना है।
गौरतलब है कि दतिया जिले के करीब 38 ग्राम बाढ़ आने से तबाह हो गए है और अब सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत राशन वितरण में कार्य में कंट्रोल संचालन आपदा में अवसर तलाशने लग गए है। जिसका प्रमाण हिनोतिया ग्राम से निकल कर सामने आया है।


