डाकघर के डाकपाल ने डकारा लोगों को पैसा : दोषी पाए जाने पर मिली तीन साल की सजा

Datia news : दतिया। डाकघर में पैसा जमा करने आने वाले खातेदारों के रुपये डकारने वाले डाकपाल को जेल के सींखचों के पीछे भेज दिया गया। शासकीय राशि में गबन करने के माामले आरोपित डाकपाल को तीन वर्ष के कारावास एवं चार हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है।

अपर सत्र न्यायाधीश दतिया उत्सव चतुर्वेदी द्वारा आरोपित डाकपाल द्वारका प्रसाद नामदेव पुत्र अयोध्या प्रसाद नामदेव ग्राम भलका जिला दतिया उप डाकघर उड़ीना को यह सजा सुनाई गई है। मामले की पैरवी अपर लोक अभियोजक अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक मुकेश गुप्ता द्वारा की गई।

प्रकरण के बारे में दी गई जानकारी के अनुसार उक्त डाकपाल द्वारका प्रसाद नामदेव 22 मार्च 2008 से 27 अगस्त 2008 तक डाकपाल के पद पर उप डाकघर उड़ीना में पदस्थ रहा। उक्त अवधि में खाता धारकों से आवृत्ति खातों में जमा करने के लिए राशियां ले लेता था और खाताधारकों की पासबुक पर तो इंद्राज करता था, लेकिन डाक खाने के लेजर पर जमा करने संबंधी इंद्राज नहीं करता था।

खाताधारकों से आरोपित द्वारका प्रसाद ने उक्त अवधि में 13 हजार 638 रुपये लिए गए, लेकिन शासकीय कोष में उक्त राशि जमा नहीं की। इस तरह आरोपित द्वारा शासकीय राशि को खुर्द बुर्द कर गबन किया गया। साथ ही शासकीय दस्तावेजों में कूट रचना कर हेरफेर की गई।

इस संबंध में अधीक्षक डाकघर संभाग ग्वालियर को शिकायत प्राप्त होने पर उनके द्वारा तत्कालीन डाकपाल डाकघर उडीना के आरोपित द्वारका प्रसाद नामदेव के विरुद्ध पुलिस थाना गोंदन में अपराध पंजीबद्ध कराया गया। इस मामेल में पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध धारा 409, 420, 467, 468 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया।

आरोपित को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण में अपर लोक अभियोजक मुकेश गुप्ता द्वारा पैरवी की गई।

मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा आरोपित के विरूद्ध अपराध प्रमाणित मानते हुए उसे सभी धाराओं में दोषी माना गया। जिसमें तीन वर्ष की सजा एवं चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

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