अब EVM में कैद होगा जनता का फैसला : 291 बूथों पर मतदान, 2.20 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे वोट; 3 अगस्त को खुलेगा परिणाम का पिटारा !

दतिया | दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम 6 बजे चुनाव प्रचार का शोर थमने के बाद अब पूरा फोकस मतदान पर है। 30 जुलाई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक विधानसभा क्षेत्र के 291 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव में 2.20 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान के लिए 320 मतदान दलों का गठन किया गया है, जिनमें करीब 1280 मतदानकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। निर्वाचन विभाग के अनुसार मतदान दलों में शामिल किसी भी कर्मचारी का संबंध दतिया विधानसभा क्षेत्र से नहीं है।

291 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम : मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन विभाग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। 291 मतदान केंद्रों में से 233 को क्रिटिकल और 28 मतदान केंद्रों को वल्नरेबल श्रेणी में रखा गया है। संवेदनशील और महत्वपूर्ण केंद्रों की निगरानी के लिए 215 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए जाएंगे।

प्रत्येक मतदान केंद्र पर कम से कम चार सीआरपीएफ जवानों के साथ मध्यप्रदेश पुलिस और एसएएफ के जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। इसके अलावा सभी मतदान केंद्रों और 12 प्रमुख नाकों पर वेबकास्टिंग तथा सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जाएगी। सेक्टर अधिकारियों के वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग की व्यवस्था भी रहेगी। मतदान के दौरान किसी ईवीएम में तकनीकी खराबी आने की स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व मशीनें भी उपलब्ध रहेंगी।

21 प्रत्याशी मैदान में, दो बैलेट यूनिट से होगा मतदान : दतिया उपचुनाव में इस बार प्रत्याशियों की संख्या 16 से अधिक होने के कारण मतदान प्रक्रिया भी थोड़ी अलग रहेगी। NOTA समेत कुल 22 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक एक बैलेट यूनिट पर अधिकतम 16 प्रत्याशियों के नाम और चुनाव चिन्ह प्रदर्शित किए जा सकते हैं। ऐसे में मतदान केंद्रों पर दो बैलेट यूनिट का इस्तेमाल किया जाएगा।

मतदाताओं को मतदान के दौरान दोनों बैलेट यूनिट को ध्यान से देखकर अपने पसंदीदा प्रत्याशी के नाम और चुनाव चिन्ह के सामने स्थित बटन दबाना होगा। निर्वाचन विभाग की ओर से मतदान दलों को इस प्रक्रिया को लेकर आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया है।

85 बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं ने घर से किया मतदान : 85 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को दी गई होम वोटिंग की सुविधा के तहत 86 पात्र मतदाताओं में से 85 पहले ही मतदान कर चुके हैं। वहीं चुनावी निगरानी के दौरान एफएसटी और एसएसटी टीमों ने अब तक 98 लाख रुपए की नकदी, 1685 ग्राम चांदी और 8.5 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए हैं।

आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े छह मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। मतदान दलों को चुनाव सामग्री का वितरण 29 जुलाई सुबह 5 बजे से किया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद 30 जुलाई की शाम से मतदान सामग्री और ईवीएम को निर्धारित स्थान पर जमा कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।

अंतिम दिन प्रत्याशियों ने घर-घर पहुंचकर मांगा समर्थन : प्रचार का औपचारिक समय समाप्त होने के बाद बुधवार को चुनावी माहौल में एक अलग तरह की शांति देखने को मिली। मतदान से एक दिन पहले भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने बड़े चुनावी कार्यक्रमों के बजाय सीमित समर्थकों के साथ घर-घर और गली-मोहल्लों में पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क किया।

भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने सुबह ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की, जबकि शाम के समय उन्होंने शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क किया। भाजपा के स्थानीय पार्षद, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी अलग-अलग इलाकों में शांतिपूर्ण तरीके से जनसंपर्क करते नजर आए।

कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता अवधेश नायक कुछ पूर्व पार्षदों के साथ वार्डों में मतदाताओं से संपर्क करते दिखाई दिए। वहीं पूर्व विधायक राजेंद्र भारती चुनाव प्रचार की अंतिम गतिविधियों से भी दूरी बनाए नजर आए। भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी बुधवार को शहर में मौजूद नहीं थे। पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार, वे गुरु पूर्णिमा के पूजन कार्यक्रम के लिए बाहर गए हुए थे।

बड़े नेताओं की विदाई के बाद स्थानीय नेताओं ने संभाला मोर्चा : 28 जुलाई की शाम प्रचार अभियान समाप्त होने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस के कई बड़े नेता दतिया से रवाना हो गए थे। इसके बाद बुधवार को चुनावी मैदान में बड़े नेताओं की मौजूदगी और किसी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम का अभाव रहा। दोनों प्रमुख दलों के चुनाव कार्यालयों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखाई दी।

अब प्रचार और जनसभाओं का दौर खत्म हो चुका है। प्रत्याशियों और स्थानीय नेताओं की कोशिश अंतिम समय तक मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क बनाने की रही। हालांकि, अब चुनावी प्रचार की जगह मतदान की बारी है।

30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को खुलेगा परिणाम का पिटारा : दतिया उपचुनाव में अब मतदाता अपने मताधिकार के जरिए प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। 30 जुलाई को मतदान के बाद ईवीएम में बंद जनादेश 3 अगस्त को मतगणना के दौरान सामने आएगा। भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबले के साथ अन्य दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने चुनाव को बहुकोणीय बनाया है।

अब सभी की नजरें 30 जुलाई के मतदान प्रतिशत और 3 अगस्त को आने वाले परिणाम पर टिकी हैं। यही परिणाम तय करेगा कि दतिया की जनता ने किसके पक्ष में अपना विश्वास जताया और विधानसभा की सीट किसके खाते में गई।

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