नारी शक्ति की गूंज से सजा लोकतंत्र का मंच : 17 क्षेत्रों में युवा संसद, 7 हजार से ज्यादा युवतियों ने संभाली देश की आवाज

नई दिल्ली |   देशभर में एक साथ आयोजित “नारी शक्ति युवा संसद” ने लोकतांत्रिक भागीदारी की नई मिसाल पेश की है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा ‘माय भारत’ पहल के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में 7,000 से अधिक युवा महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी करते हुए नीति निर्माण, नेतृत्व और लोकतांत्रिक संवाद में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। “नारी शक्ति: विकसित भारत की आवाज” थीम पर आधारित इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज की युवा महिलाएं सिर्फ भागीदारी ही नहीं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने में भी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।


17 शहर, एक सोच : समावेशी लोकतंत्र की मजबूत तस्वीर : मुंबई से लेकर श्रीनगर तक, देश के 17 प्रमुख शहरों में एक साथ आयोजित इस युवा संसद में विविध पृष्ठभूमि की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, समान प्रतिनिधित्व और नीति-निर्माण में उनकी भूमिका जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा हुई। हर क्षेत्र में संसदीय शैली में संवाद आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों ने लोकतंत्र की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी।


महिला प्रतिनिधित्व पर बड़ा संदेश, प्रस्ताव भी पारित : इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि सभी 17 क्षेत्रों में महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का समर्थन किया गया। यह पहल आने वाले समय में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।


नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी बनी ताकत : युवा संसद के माध्यम से यह साफ हुआ कि अब सरकार युवाओं—खासतौर पर युवा महिलाओं—को नीति निर्माण के केंद्र में लाने के लिए गंभीर है। इससे पहले भी कई नीतियों में युवाओं के सुझाव शामिल किए जा चुके हैं, और यह आयोजन उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।


संवाद के साथ-साथ जागरूकता का भी संदेश : इस बड़े आयोजन के साथ “संडेज ऑन साइकिल” जैसी पहल भी चलाई गई, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य फिटनेस, पर्यावरण जागरूकता और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना रहा। इस तरह यह कार्यक्रम केवल संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता नजर आया।


नारी शक्ति बनी बदलाव की धुरी : यह आयोजन एक स्पष्ट संकेत देता है कि भारत का भविष्य अब अधिक समावेशी, जागरूक और भागीदारीपूर्ण होने जा रहा है। युवा महिलाएं अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि नीति, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की सक्रिय भागीदार बन चुकी हैं। “नारी शक्ति युवा संसद” ने यह साबित कर दिया कि विकसित भारत की राह में महिलाओं की आवाज सबसे मजबूत स्तंभ बनने जा रही है।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter