हार्वेस्टर की चिंगारी से जली खेत में खड़ी गेंहूं की फसल, पीड़ित किसानों के नुकसान का जायजा लेने पहुंची सर्वे टीम

Datia News : दतिया। भांडेर अनुभाग के ग्राम सरसई में 10 बीघा गेंहूं की फसल हार्वेस्टर की चिंगारी से जलकर राख हो गई। स्थानीय निवासी सुनील समाधिया ने बताया कि लगभग 10 बीघा जमीन पर गेहूं की खड़ी फसल जली है। जिसमें कुलदीप यादव की 8 बीघा और मिट्ठू यादव की 2 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल खड़ी थी।

जो अचानक लगी आग में जलकर स्वाहा हो गई। घटना का कारण हार्वेस्टर को बताया जा रहा है। जिससे निकली चिंगारी ने आग का विकराल रूप धारण कर लिया।

घटना रविवार दोपहर डेढ़ से दो बजे के बीच की है। घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद सर्वे के लिए सरसई हल्का पटवारी नीरज सेन भी मौके पर पहुंच गए थे।

वहीं गत शनिवार बिछौंदना में खेतों में लगी आग के बाद से हुए नुकसान का जायजा लेने राजस्व विभाग की टीम पहुंची। राजस्व विभाग के आरआई और पटवारी ने गांव पहुंचकर पीड़ित किसान परिवारों से नुकसान की जानकारी ली। साथ उन्होंने जली हुई फसल के रकबे का भी आंकलन किया।

आग लगने से हुए नुकसान का सर्वे करने के बाद रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी। जिसके बाद मुआवजे की कार्रवाई शुरू होगी। गौरतलब है कि गत शनिवार ग्राम बिछौंदना में बगदा मार्ग पर स्थित खेतों में आग लगने से लगभग 30 बीघा में गेहूं की खड़ी फसल और डेढ़ सौ बीघा से अधिक नरवाई जलकर राख हो गई थी।

आग लगने का कारण किसान महिला रतीबाई गोस्वामी के खेत के पास लगी डीपी से हुई स्पार्किंग को बताया जा रहा है। रतीबाई गोस्वामी जिनके खेत से यह अग्निकांड शुरू हुआ उनकी लगभग चार बीघा जमीन पर खड़ी गेंहूं की फसल, दो सौ फुट के चार इंची पाइप, बिजली के तारों का बंडल जल गए थे।

इसके अलावा पशुओं के लिए तैयार भूसा का ढेर भी जल कर स्वाहा हो गया था। इस मामले में सरपंच पंकज पुजारी ने बताया था इस अग्निकांड में गांव के लगभग 15 से 20 किसान परिवार प्रभावित हुए हैं। फिलहाल पीड़ित किसानों को सरकारी मुआवजा का इंतजार है। जो उन्हें सर्वे के बाद ही मिल सकेगा।

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