उनके घरों को भी रोशन करना है जिनके बनाए दीयों से हमारे घर जगमग होते हैं : गृहमंत्री ने प्रजापति वर्ग के लोगों को बांटी आधुनिक चाक मशीन, किया सम्मान

Datia News : दतिया। दीपावली के दिन उनके घरों को भी रोशन करना है जिनके बनाए दीयों से हमारे घर जगमग होते हैं। इसलिए माटी कलाकारों द्वारा बनाए गए दीपक सहित मिट्टी की स्वदेशी सामग्री खरीदकर इस वर्ग की मदद में कोई कसर न छोड़ें। यह बात गृहमंत्री डा.नरोत्तम मिश्र ने शनिवार को माटी कलाकारों को आधुनिक इलैक्ट्रिक चाक वितरित करते हुए कही।

इस दौरान प्रजापति वर्ग के करीब 12 लोगों को यह चाक मशीन वितरित करते हुए गृहमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं दी, साथ ही कहाकि यह दीपावली का ऐसा तोहफा है जो उन सबकी आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा। आधुनिक चाक मशीन पाकर प्रजापति वर्ग के लोगों के चेहरे खिल उठे। इस मौके पर माटी के कलाकारों का शाल और माल्यार्पण कर सम्मान भी किया गया।

समारोह में गृहमंत्री डा.मिश्रा ने कहाकि हमें स्वदेशी अपनाना है, चाईनीज उत्पादनों को महत्व नहीं देना है। इसके लिए सभी लोग माटी के कलाकारों द्वारा हाथ से निर्मित वस्तुएं ही क्रय करें। जिससे हमारी दीपावली के साथ हमारे प्रजापति भाईयों के घरों में भी अच्छी दीपावली मन सकेगी।

उन्होंने दतिया एवं प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि कुम्हार एवं प्रजापति वर्ग द्वारा हाथ से निर्मित मिट्टी के दीपक, मटके, सुराही एवं सकोरे ही खरीदें। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी डा.राजू त्यागी ने किया।

गृहमंत्री ने इस अवसर पर माटी कला के 12 कलाकारों को मिट्टी के बर्तन एवं दीपक बनाने की आधुनिक मशीन (चाक) प्रदाय कर कहाकि इस मशीन की मदद से कम समय में कलाकार और बेहतर ढ़ंग से मिट्टी की अन्य कलाकृतियां काफी संख्या में बना सकेंगे। जिसके बेहतर दाम प्राप्त होंगे और इनकी आय में भी इजाफा होगा।

उन्होंने कहाकि पहली बार ऐसा लग रहा है कि इस काम में जो राशि खर्च हुई है उससे आउटपुट बढ़ेगा ओर माटी कलाकारों की आय बढ़ेगी। आयोजन में चाक मशीन बनवाने से लेकर वितरण तक की व्यवस्थाओं में समाजसेवी डा.राजू त्यागी के प्रयास की प्रजापति समाज ने सराहना की।

इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रशांत ढेंगुला, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि योगेश सक्सेना, अंकुश, चतुर्भुज प्रजापति, हरकिशोर प्रजापति, हरकिशुन प्रजापति, मानसिंह प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, भगवान सिंह प्रजापति, विक्की प्रजापति आदि उपस्थित रहे।

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