शहर के झोलाछाप डॉक्टरों में मचा हडकंप, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापे मारकर क्लीनिक किए सील

Datia News : दतिया । स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को शहर के झोलाछाप डाक्टरों के क्लीनिकों पर छापा मारे। इसके साथ कई क्लीनिक सील भी कर दिए गए। इस मुहिम को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.आर.बी. कुरेले के नेतृत्व में क्लीनिक शाखा प्रभारी आशीष खरे, आकाश मिश्रा, जिला लेखा प्रबंधक शहर में घूम और कार्रवाई की। इस दौरान एक पैथोलॉजी लैब पर भी आवश्यक दस्तावेज न होने पर नोटिस जारी कर तीन दिन में जबाब मांगा गया है।

जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम द्वारा सर्वप्रथम ठंडी सड़क पीडब्लूडी विभाग के सामने स्थित ताराचंद क्लीनिक पर छापामार कार्रवाई की गई। जहां क्लीनिक संचालित कर मरीजों काे ड्रिप चढ़ाकर इलाज किया जा रहा था। टीम द्वारा क्लीनिक संचालक से पंजीयन प्रमाण पत्र मांगा गया, लेकिन संचालक ताराचंद कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद टीम ने क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई की। इसके बाद टीम ने तलैया मोहल्ला में महेश कुशवाहा द्वारा संचालित प्रीति चिकित्सा केंद्र पर कार्रवाई की। तीसरी कार्रवाई में टीम ने एचडीएफसी बैंक के पास स्टार पैथोलॉजी पर पहुंचकर की। यहां टीम को क्लीनिक संचालक मौजूद नहीं मिला। टीम ने संचालक को तीन दिन में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की हिदायत दी। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मचा हुआ है।

बताया जाता है कि शहर में इस कार्रवाई के साथ अब ग्रामीण क्षेत्र में भी यह दल जाएगा। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में झोलाछाप डाक्टरों के क्लीनिक संचालित है। जहां पहुंचकर यह जांच की जाएगी की जो डाक्टर क्लीनिक संचालित कर रहे हैं, उनका पंजीयन है या नहीं। ग्रामीण क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टरों द्वारा मरीजों का मनमर्जी से इलाज करने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। जिसके बाद कार्रवाई की तैयारी की गई है।

अवैध तरीके से करते हैं एलोपैथिक इलाज

शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश झोलाछाप डाक्टर कार्रवाई से बचने के लिए आयुर्वेद के नाम पर एलोपैथिक इलाज करते हैं। जिससे कई बार मरीजों की जान के लाले पड़ चुके हैं। कुछ जगह तो लोगों की जान तक जा चुकी है। बावजूद इसके झोलाछाप डाक्टरों पर रोक लगा पाने में संबंधित विभाग नाकाम साबित हो रहा है। शहर के गलियों एवं अन्य क्षेत्रों में ऐसे डाक्टरों की भरमार मिल जाएगी, जो सिर्फ अपने मुनाफे के लिए लोगों की जान से खिलवाड़ करने में भी नहीं चूकते। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की गई कार्रवाई कितनी कारगर साबित होती है।

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