Datia news : दतिया। गांव के लोगों को सोते समय उनके ही घरों में कैद कर अज्ञात चोर वहां से लाखों का माल समेट ले गए। हद तो तब हो गई जब चोरों ने घरों में रखा आटा और घी तक नहीं छोड़ा। उसे भी अपने साथ बांध ले गए। इसके साथ ही नगदी और जेबरात भी उड़ा लिए। सुबह जब लोग जागे तब उन्हें पता चला कि चोरों ने उन्हें निशाना बनाया है।
एक ही रात में पांच घरों को निशान बनाकर अज्ञात चोरों ने गांव में दहशत फैला दी। वहीं इस घटना ने पुलिस गश्त व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
गोराघाट थाना क्षेत्र के उपरांय में यह वारदात कर चोर घरों से लगभग 20 लाख का माल समेट ले गए। चोरों ने घटना को अंजाम देने से पहले घरों में सो रहे सदस्यों के कमरों की कुंदी बाहर से बंद कर उन्हें कैद कर दिया।
एक के बाद एक पांच घरों में सामान गायब मिलने पर एक साथ चोरी का बात सामने आई। जिसकी खबर तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। चोरों का पता लगाने के लिए स्नोफर डाग और फिंगर एक्सपर्ट का बुलाकर सुराग जुटाए गए।
आसपास के पांच मकानों को बनाया निशाना : सबसे पहले चोर उपरांय निवासी शिक्षक मनोज गुदोलिया के घर छत के रास्ते दाखिल हुए। वारदात के समय घर के सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। चोरों ने बड़ी ही सफाई से उन कमरों की कुंदी बाहर से बंद की जिसमें परिवार के सदस्य सो रहे थे।
इसके बाद अलमारियों में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ किया। यहां से चोरी गया मशरुका करीब आठ लाख रुपये का बताया जा रहा है।
सुबह जब परिवार के लोग जागे तो घर का सामान बिखरा हुआ मिला, जिसके बाद चोरी की जानकारी सामने आई। इसके अलावा चोरों ने गांव के बंटी गुदोलिया के घर से सात हजार की नगदी चोरी की।
इसके अलावा रामप्रसाद तिवारी, रामेश्वर गुदोलिया सहित दो अन्य ग्रामीणों के घरों को भी निशाना बनाने का प्रयास किया। हालांकि इन चार घरों में चोरों को कोई खास सामान हाथ नहीं लग सका। एक ही रात में पांच घरों में चोरी होने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
खाली पड़े मिले सूटकेस : चोरी की घटना को अंजाम देने के बाद चोर घरों से सूटकेस भी उठा ले गए। यह सूटकेस घटना स्थल से कुछ दूरी पर एक खेत में पुलिस को पड़े मिले।
पुलिस को आशंका है कि यहां पर चोरों ने सूटकेस खोलकर उसमें रखा कीमती सामान निकाला और अनुपयोगी सामग्री व सूटकेस वहीं पड़ा छोड़कर भाग निकले।
इस घटना से नाराज ग्रामीणों का कहना था लगभग हर रोज उनके गांव की रात 11 बजे से लाइट कटौती कर दी जाती है। जिसके कारण रात में गांव में अंधेरा छाया रहता है।


