दतिया । महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण तेजी फिर बढ़ने लगा है। कोरोना को लेकर जिन बड़े शहरों में विस्फोट होना शुरू हो गया है उनमें से मुंबई भी प्रमुख है। दतिया से मुंबई की सीधी कनेक्टिविटी है। लगभग पांच से छह ट्रेनें ऐसी हैं जो यात्रियों को मुंबई से दतिया लेकर आती है। इनमें झेलम एक्सप्रेस (पूणे-जम्मू एक्सप्रेस), मुंबई-फिरोजपुर पंजाब मेल, बांद्रा-झांसी एक्सप्रेस, तुलसी एक्सप्रेस, मुंबई-हरिद्वार एक्सप्रेस तथा पुष्पक एक्सप्रेस जैसे ट्रेनें शामिल है।
इनमें तीन ट्रेनों के स्टॉपेज दतिया में है। माना जा रहा है कि मुंबई से आने वाली ट्रेनों से ज्यादा खतरा शहर के लिए भी बढ़ गया है। इसके अलावा झांसी से आने वाले लोग भी कोरोना का खतरा दतिया के लिए बने हुए हैं। अधिकांश ट्रेनें सीधे झांसी ही रुकती है, वहां से कई लोग दतिया और आसपास के क्षेत्रों में आते हैं।
रेल प्रशासन ने कहा हम बरत रहे सावधानी
रेल प्रशासन का कहना है कि रेलवे में कोरोना संबंधी प्रोटोकाल को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सैनिटाइजर और मास्क सभी यात्रियों के लिए जरूरी किया गया है। इसके अलावा हर प्लेटफार्म भी सैनेटाइज किए जा रहे है, किंतु यह स्थिति मुंबई में नहीं है। झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह ने इस संबंध में बताया कि प्रत्येक स्टेशन पर पूरी सावधानी बरती जा रही है, पर राज्य सरकारें इसे सामान्य ले रही हैं।
इसके कारण यह स्थिति बनी है। ट्रेनों के आवागमन में अभी कोई बदलाव नहीं होगा, जब तक की केंद्र सरकार इस संबंध में कोई आदेश नहीं देती। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर लोग दतिया जैसे स्टेशनों पर यात्रियों छोड़ने आते हैं और प्लेटफार्म तक आने की कोशिश करते है। रेलवे प्रशासन ऐसे लोगों को रोकता भी है, जबकि स्थानीय प्रशासन को इसके लिए कदम और सख्ती करना चाहिए।


