ट्राई का नेटवर्क गुणवत्ता आकलन : हजारीबाग से रांची-पटना कॉरिडोर तक मोबाइल सेवाओं की जमीनी हकीकत सामने

दिल्ली | भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने झारखंड के हजारीबाग जिले और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की वास्तविक गुणवत्ता का विस्तृत आकलन किया है। यह मूल्यांकन रांची से पटना तक राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच-19, 20 और 22) तथा पटना-रांची रेलवे मार्ग पर स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट (IDT) के माध्यम से किया गया।


नवंबर 2025 में किया गया स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट : ट्राई द्वारा यह स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट 20 नवंबर से 28 नवंबर 2025 के बीच बिहार लाइसेंस सेवा क्षेत्र (LSA) के अंतर्गत किया गया। परीक्षण ट्राई के कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालय की निगरानी में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों, व्यावसायिक इलाकों, संस्थानों, आवासीय परिसरों, राजमार्गों और रेलवे मार्गों पर मोबाइल सेवाओं के वास्तविक उपयोगकर्ता अनुभव का मूल्यांकन करना था।


परीक्षण का दायरा और कवरेज  : ड्राइव टेस्ट के दौरान कुल:

  • 220.9 किमी शहरी मार्ग

  • 327.5 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग

  • 376.9 किमी रेलवे मार्ग

  • 18 हॉटस्पॉट स्थान

  • 2.1 किमी पैदल परीक्षण

को कवर किया गया। इसमें 2जी, 3जी, 4जी और 5जी तकनीकों का परीक्षण विभिन्न हैंडसेट क्षमताओं के अनुसार किया गया।


वॉइस और डेटा सेवाओं के प्रमुख मानक : वॉइस सेवाएं :-

  • कॉल सेटअप सफलता दर (CSSR)

  • कॉल ड्रॉप दर (DCR)

  • कॉल सेटअप समय

  • कॉल साइलेंस

  • वॉइस क्वालिटी (MOS)

  • नेटवर्क कवरेज

डेटा सेवाएं:

  • डाउनलोड/अपलोड स्पीड

  • लेटेंसी और जिटर

  • पैकेट ड्रॉप दर

  • वीडियो स्ट्रीमिंग में देरी


नेटवर्क प्रदर्शन: सेवा प्रदाताओं की स्थिति : आकलन के अनुसार, शहरी और राजमार्ग क्षेत्रों में कुछ निजी ऑपरेटरों का प्रदर्शन बेहतर रहा, जबकि रेलवे मार्ग और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क गुणवत्ता में असमानता देखी गई। बीएसएनएल और वीआईएल के कुछ हिस्सों में कॉल ड्रॉप और सिग्नल कमजोरी की समस्या सामने आई, जबकि 5जी सेवाओं ने उच्च गति का प्रदर्शन दर्ज किया।


5जी सेवाओं का प्रदर्शन : ड्राइव टेस्ट के दौरान 5जी नेटवर्क पर

  • 199.26 एमबीपीएस तक की औसत डाउनलोड गति

  • 24.47 एमबीपीएस तक की औसत अपलोड गति

दर्ज की गई, जो उच्च गति डेटा सेवाओं की क्षमता को दर्शाती है।


किन क्षेत्रों में हुआ मूल्यांकन : हजारीबाग जिले के अलावा बड़कागांव, चौपारण, नवादा, हरली, बरवाडीह सहित कई शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षण किया गया। इसके साथ ही बस स्टैंड, अस्पताल, विश्वविद्यालय, वन्यजीव अभयारण्य, रेलवे स्टेशन और शैक्षणिक संस्थानों में भी स्थैतिक व पैदल परीक्षण किए गए।


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