दतिया। जिले के उनाव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोविंदगढ़ में रविवार को एक स्टोन क्रेशर परिसर में अचानक हुए विस्फोट से हड़कंप मच गया। क्रेशर के एक कमरे में रखी विस्फोटक सामग्री में धमाका होने से वहां मौजूद दो मजदूर बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद कमरे का शेड भी क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है।
अचानक धमाके से मची अफरा-तफरी : जानकारी के अनुसार क्रेशर परिसर में पहाड़ी से पत्थर तोड़ने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली विस्फोटक सामग्री एक कमरे में रखी हुई थी। रविवार को जब मजदूर वहां मौजूद थे, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने भी आवाज सुनी और कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
दो मजदूर गंभीर रूप से घायल : पुलिस के अनुसार हादसे में बाबूलाल पुत्र कालू मेवाल (राजस्थान) और गब्बर सिंह पुत्र पप्पू कुशवाहा (ललितपुर, उत्तर प्रदेश) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों मजदूरों को पहले जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर झांसी रेफर किया गया।
जांच के लिए एफएसएल टीम बुलाई : विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी मौके पर बुलाया है। टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि विस्फोट खनन कार्य में इस्तेमाल होने वाली बारूद से हुआ है।
हाल ही में दोबारा शुरू हुआ था क्रेशर : पुलिस के मुताबिक जिस क्रेशर पर यह हादसा हुआ, वह कुछ समय से बंद पड़ा था और हाल ही में दोबारा शुरू किया गया था। पत्थर तोड़ने के लिए वहां विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि बारूद के भंडारण और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
ग्रामीणों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल : घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने खनन गतिविधियों में बरती जा रही लापरवाही पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में कई जगह क्रेशर संचालित हैं और विस्फोटक सामग्री का उपयोग किया जाता है, लेकिन सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं होता। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

