केन्द्रीय गृह मंत्री का असम दौरा : अमित शाह ने 273 करोड रुपए की लागत से बने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का किया उद्घाटन

गुवाहाटी : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने  असम केगुवाहाटी में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटलका उद्घाटन किया.कार्यक्रम में असमके मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिश्व शर्मा औरकेन्द्रीय गृह सचिव सहित अनेकगणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह एवंसहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्रीश्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ हिमंतबिश्व शर्मा असम को न केवल नॉर्थईस्ट बल्कि आसपास के सभी देशों केनागरिकों के लिए हेल्थ केयर का एकप्रमुख सेंटर के रूप में विकसित करनेका प्रयास कर रहे हैं. 

इस दिशा मेंअनेक कदम आज तक उठाए गए हैंऔर इसके नतीजे भी आज हमने देखेहैं। 273 करोड रुपए की लागत से बनेसुपर स्पेशलिटी अस्पताल में ढेर सारीसुविधाएं हैं। डॉ हिमंत बिश्व शर्मा नेपहले स्वास्थ्य मंत्री के नाते और अबमुख्यमंत्री के नाते असम के हेल्थ केयरको एक विजन के साथ बदलने काकाम किया है और मैं इसके लिए उन्हेंबहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूँ।

      अमित शाह ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने पूरे देश कोबदलने और देशभर में अनेक प्रकार केरोगों से ग्रसित गरीब लोगों कोनवजीवन प्रदान करने का काम कियाहै। इसके तहत असम में 8 लाखमरीजों को स्कैन, 20 लाख मरीजों कोएक्स-रे, 47 लाख मरीजों को लैब औरमुफ्त जांच की सुविधा दी गई हैप्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस प्रोग्रामके तहत 33 डायलिसिस केंद्र काम कररहे हैं और 48 लाख मरीजों कोनिशुल्क रेफरल सेवाएं प्रदान की गईहैं। 

असम सरकार और भारत सरकार27 लाख परिवारों को पीएमजय केतहत 5 लाख तक की सारी सुविधाएंफ्री ऑफ कॉस्ट दे रही है और इसकेतहत असम के 331 अस्पतालों कोजोड़ने का काम किया है।

     गृह मंत्री ने कहा कि मेडिकलकॉलेजों की संख्या हो या सुविधाएंअसम ने बहुत अच्छे तरीके से इसकेइंफ्रास्ट्रक्चर का काम किया है। कैंसरके लिए पूरे असम में जोन बनाकर 10 अस्पताल बनाए हैं ताकि कैंसर केलिए पूरे नॉर्थ ईस्ट से किसी को दिल्लीया कोलकाता न जाना पड़े।प्रधानमंत्री ने 28 अप्रैल को सात कैंसर केयरअस्पताल राष्ट्र को समर्पित किए।

     अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मेंभारत सरकार ने पीएम आयुष्मानभारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन केतहत एक ही बजट में 64 हजार करोड़रुपए खर्च करने का काम किया है।

पिछले वर्ष स्वास्थ्य विभाग का बजट94,000 करोड रुपए था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने 2022 में इसेबढ़ाकर 2,24,000 करोड रुपए करनेका का काम किया है और यह साराखर्च इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहा है। 

600 से अधिक जिलों में क्रिटिकल केयर सेजुड़े 35,000 बैड तैयार किए जाएंगे, 730 जिलों में इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थलैब तैयार किए जाएंगे, महामारी सेजुड़े रिसर्च लैब तैयार किए जाएंगे औरआयुष्मान भारत मिशन को भी गति दीजाएगी।

     

गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहाकि देश में 2013-14 में प्राइवेट औरसरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या387 थी और 2021-22 में यहबढ़कर 596 हो गई। एमबीबीएस मेंसीटों की संख्या 2013-14 में51,000 थी और अब 89,000 एमबीबीएस डॉक्टर हर साल बाहरनिकलेंगे। पीजी की संख्या जो31,100 थी, नरेंद्र मोदी सरकार ने अबउसे दोगुना कर 60,200 करने काकाम किया है।

प्रधानमंत्री मोदी जी नेहेल्थ के क्षेत्र में ढेर सारा काम 130 करोड़ की आबादी को सुरक्षा केसुदर्शन चक्र से सुरक्षित करने का कामकिया है और असम सरकार ने भी इसअभियान को अब आगे बढ़ाया है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना केतहत 22 नए एम्स और 75 सरकारीमेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं,

57 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज मेंएमबीबीएस सीटों की संख्या मेंबढ़ोतरी की है और 22 में से 10 एम्समें एमबीबीएस का पहला सेमेस्टर चालूकर दिया गया है। 

इन सभी सुधारों केकारण भारत आज दुनिया में सबसेतेजी से बढ़ने वाला राष्ट्र बना है औरकुछ ही सालों के अंदर हम दुनिया भरमें सबसे अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओंवाला देश बन जाएंगे।

 अमित शाह ने कहा कि असमजो कभी आतंकवाद, बंद और हड़तालके लिए जाना जाता था आज वहअसम विकास के रास्ते पर चल पड़ाहै।

असम में न केवल इंफ्रास्ट्रक्चरबल्कि हर क्षेत्र में द्रुत गति से काम चलरहा है। हमने पिछले चुनाव में वादाकिया था कि असम को आतंकवादमुक्त और हड़ताल मुक्त बनाएंगे, अबअसम के अंदर गोलियां नहीं चलती हैं।उन्होने कहा कि अब हम असम कोबाढ़ मुक्त भी बनाएंगे और रोजगारयुक्त भी बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ हिमंतबिश्व शर्मा जी ने प्रायरिटी तय की है, हर साल जो बाढ़ हजारों करोड़ रुपएका नुकसान करती है उसका एकअच्छा प्रबंधन कर असम को बाढ़ मुक्तबनाएँगे।

शाह ने कहा कि मैंआपको विश्वास दिलाना चाहता हूं किप्रधानमंत्री मोदी जी पूरे नॉर्थ-ईस्ट औरविशेषकर असम राज्य को संपूर्णविकसित राज्य देखना चाहते हैं, पिछड़ेराज्य को आगे बढ़ाना और उसे देश केसबसे विकसित राज्यों के नक्शे पररखना ही हमारा लक्ष्य है।

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