केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले – हर एफटीए और समझौता राष्ट्रहित में, हमारी प्रमुख फ़सलें, डेयरी और पोल्ट्री पूरी तरह सुरक्षित

नई दिल्ली। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और भारत को वैश्विक कृषि निर्यात में अग्रणी बनाने की दिशा में एक अहम संदेश देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एग्री-स्टार्टअप, एग्री-प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिये किसानों को सीधे बाज़ार से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक और नवाचार के साथ खेती को जोड़कर ही किसान की आमदनी बढ़ाई जा सकती है और भारत को कृषि क्षेत्र में विश्व नेतृत्व की ओर ले जाया जा सकता है।

समारोह के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री चौहान ने डिग्री प्राप्त सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी और उम्मीद जताई कि वे अपनी एग्री एजुकेशन को खेतों और किसानों की सेवा में लगाएँगे।

उन्होंने कहा कि अन्न, फल, सब्ज़ी और दालों के उत्पादन में युवाओं की भूमिका बेहद अहम है ताकि देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत हो और आम नागरिक तक पोषणयुक्त आहार पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत न केवल अपनी ज़रूरतें पूरी करे, बल्कि दुनिया की खाद्य सुरक्षा में भी योगदान दे—यही आज के कृषि स्नातकों से देश की अपेक्षा है।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और रामनाथ ठाकुर भी मौजूद रहे। साथ ही ICAR के महानिदेशक एम.एल. जाट और IARI के निदेशक सी. एच. श्रीनिवास राव सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, प्रोफेसर और छात्र-छात्राएँ शामिल हुए।

समारोह में इस वर्ष कुल 470 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें 290 एम.एससी./एम.टेक. और 180 पीएच.डी. छात्र शामिल थे। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ी के कृषि वैज्ञानिक और पेशेवर देश की खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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