दतिया। जिले में असमय हुई बारिश के चलते गेहूं, चना, सरसों और मटर की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ा है। अभी नुकसान का आंकलन नहीं किया गया है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार 10 से 20 फीसद का इससे नुकसान संभव है। मौसम के इस बदलाव से अचानक ही दिन के तापमान में लगभग 13.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई । इसके अलावा तेज हवाओं के कारण गेहूं की फसल खेतों में आड़ी हो गई है। तापमान में गिरावट के बाद जहां गर्मी से राहत मिली वहीं हवा के कारण हल्की ठंड भी महसूस की गई।
बसई सहित कुछ अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में कल देर शाम को बारिश हुई थी। शहर में शुक्रवार की सुबह 10.15 बजे के बाद लगभग 15 से 20 मिनट तेज बारिश हुई और उसके बाद रिमझिम बारिश का क्रम चलता रहा। इस कारण तापमान में अचानक गिरावट आ गई। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बता दें कि बीते गुरुवार को यह न्यूनतम तापमान 16.3 और अधिकतम तापमान 35.2 डिसे था। अधिकतम तापमान अचानक 13.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। जिससे मौसम बदल गया और हवा के ठंडक घुल गई।
जिले में कृषि विभाग के अनुसार गेहूं का रकबा 1 लाख 80 हजार 562 हैक्टेयर का है। इसी तरह चना 10 हजार 4 हेक्टेयर में बोया गया है। सरसों 12 हजार 155 हेक्टेयर में है। इसके अलावा मटर 11 हजार 700 हेक्टेयर में बोई गई है। इसमें सर्वाधिक नुकसान सरसों व मटर की फसल का बताया जा रहा है। यह फसल पकी हुई िस्थति में खेतों में खड़ी हुई है। कुछ गांवों में कटाई के बाद फसल खेतों में रखी गई है। किसान इसकी थ्रेसिंग की तैयारी में लगा था। जो फसलें पक गई है उनमें यह नुकसान ज्यादा बताया जा रहा है।
इसी तरह गेहूं में भी काफी ज्यादा नुकसान का आंकलन कृषि विभाग द्वारा बताया गया है। स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र के अनुसार सरसों और मटर में ज्यादा नुकसान है। चना एवं गेहूं की फसलों में उसकी अपेक्षा कम नुकसान का आंकलन है। अभी नुकसान कितना है इसको स्पष्ट रूप से नहीं बताया जा सकता है। रात को फिर बारिश हो जाती है तो निश्चित ही फसलों को भारी नुकसान होना संभव है।
बसई, भांडेर में खेतों में बिछ गई फसलें
अचानक आई बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा बताया जा रहा है। बसई क्षेत्र के एक दर्जन गांवों में गुरूवार शाम को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेत में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई है। वहीं कुछ खेतों में कटी रखी गेहूं, चना, मटर की फसल बारिश में गीली हो गई। जिसके दाने पर इसका असर पड़ेगा। किसानो का कहना है कि जो फसल खेतों में बिछ गई उस फसल का दाना पतला व काला पड़ जाता है। बसई सहित बरधुवां, सांकुली, नयाखेडा, जैतपुर, हिम्मतपुर, सतलौन, ठकुरपुरा, हम्मीरपुर, मानिकपुर, जनकपुर, लखनपुर, मकडारी, मुडरा, उर्दना, कंधारी, देवगढ़, चौबाया, हीरापुर, सीतारपुर, महाराजपुरा, पच्चरगढ आदि गांवो के किसानों की करीब 40 प्रतिशत से अधिक फसल को नुकसान बताया जा रहा है।
ग्राम जैतपुर के किसान मेवालाल चौधरी एवं परमेश्वर राजपूत ने बताया कि बे-मौसम बारिश होने से खेतों में गेंहूं की फसल बिछ गई। जिससे गेंहू का दाना पतला और काला पड़ जाएगा। कटी फसल को भी नुकसान हुई है। भांडेर अनुभाग के पंडोखर क्षेत्र के ग्राम बडेरा सोपान मौजे में रात में तेज हवा से गेंहूं की फसल खेत मे बिछ गई। वहीं गुरूवार को बारिश से खेत में कटी रखी मटर, चना की फसल को नुकसान पहुंचा है। इधर सेवढ़ा अनुभाग के इंदरगढ़, सेंथरी, जौनिया, थरेट, खैरोना, कुदारी, ररूआराय, भगुवापुरा, सेवढ़ा, डीपार, ग्यारा, अतरेटा ग्रामों में शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम तक बूंदाबांदी हुई। यहां भी कुछ खेतों में फसल बिछ गई।

