नई दिल्ली : देश की स्वाधीनता के 75 वर्ष सम्पन्न होने का उत्सव मनाने के लिए, मार्च 2021 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव (एकेएएम) का शुभारंभ किया था। यह जन-आंदोलन बन गया और इस महोत्सव ने संपूर्ण समाज के दृष्टिकोण के माध्यम से देश को एकजुट किया। स्वाधीनता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अनाम नायकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने और स्वाधीनता संग्राम से जुड़े स्थानीय इतिहास का दस्तावेजीकरण करने का निरंतर प्रयास जारी है और इसे आजादी का अमृत महोत्सव(एकेएएम) की वेबसाइट पर प्रदर्शित किया जा रहा है। नवंबर, 2023 तक स्वाधीनता संग्राम से जुड़ी 12 हजार से अधिक कथाएं एकत्रित की जा चुकी हैं और यह संख्या प्रति-दिन बढ़ती जा रही है।
“मेरी माटी मेरा देश“: दो साल तक चले आजादी का अमृत महोत्सव के समापन अभियान के रूप में, “मेरी माटी मेरा देश- माटी को नमन, वीरों का वंदन” भारत की माटी और वीरता का एकीकृत उत्सव है। इस दौरान देश के 766 जिलों के 7000 से अधिक खण्डों में बड़ी संख्या में जन भागीदारी देखी गई। इस अभियान के दौरान 2 लाख से अधिक शिलाफलकम स्थापित किये गये। 3 करोड़ से अधिक लोगों ने पंचप्राण प्रतिज्ञा ली और राष्ट्र के प्रति अपना समर्पण प्रदर्शित किया। 2 लाख से अधिक अमृतवाटिकाएँ बनाई गईं और देशभर में 2 करोड़ से अधिक पेड़पौधे लगाए गए। 2,18,856 स्वाधीनता सेनानियों के सम्मान में समारोह और स्मरणोत्सव आयोजित किए गए। मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत 4 करोड़ से अधिक लोगों ने अपनी सेल्फी अपलोड की। देश के 7000 से अधिक खण्डों से 8500 से अधिक माटी कलश दिल्ली लाए गए।
30 अक्टूबर, 2023 को अमृत कलश यात्रा में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’की भावना के अंतर्गत अपने-अपने खण्ड और शहरी स्थानीय निकायों का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने कलश से मिट्टी को एक विशाल अमृत कलश में एकत्रित किया। प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर 2023 को कर्तव्य पथ पर ‘मेरी माटी मेरा देश’अभियान के तहत अमृत कलश यात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। यह कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव के समापन समारोह का प्रतीक था। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने अमृत-वाटिका और अमृत-महोत्सव स्मारक का शिलान्यास किया। उन्होंने देशभर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले हजारों अमृत कलश यात्रियों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं के लिए मेरा युवा भारत (माईभारत) प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया।
जी20 गतिविधियाँ
- 21 जनवरी, 2023 को जी-20 देशों, दिल्ली और एनसीआर के कॉलेजों और स्कूलों से जुड़े एक हजार से अधिक छात्रों, युवाओं और बच्चों ने ‘विश्व शांति के लिए जी-20 मार्च’में भाग लिया।
- भारत मेंजी20 की अध्यक्षता के दौरान, संस्कृति मंत्रालय ने 22 से 25 फरवरी, 2023 तक खजुराहो, मध्य प्रदेश में पहली जी-20 संस्कृति कार्य समूह की बैठक की अध्यक्षता की।

- दिल्ली, गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न भागों से लगभग 1000 उत्साही धावकों ने 5 मार्च, 2023 को नई दिल्ली के राजघाटमें गांधी दर्शन पर “महिला शक्ति के लिए जी-20 दौड़” में भाग लिया।

- भारत मेंजी20 अध्यक्षता के दौरान, संस्कृति मंत्रालय ने 15 से 17 मई, 2023 तक ओडिशा केभुवनेश्वरमें दूसरी संस्कृति कार्य समूह की बैठक की अध्यक्षता की।

- जी-20 की तीसरीसंस्कृति कार्य समूह बैठक 9 से 12 जुलाई 2023 को कर्नाटक के हम्पी में आयोजित की गई थी। इस दौरान लंबानी कढ़ाई के पैच वर्क से बनी सबसे लम्बी प्रतिकृति प्रदर्शित की गई। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड से सम्मानित किया गया था। प्रदर्शनी का विषय था ‘संस्कृति सभी को एकजुट करती है’।

- भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान, संस्कृति मंत्रालय ने 24-25 अगस्त, 2023 को वाराणसी में चौथी जी20 संस्कृति कार्य समूह की बैठक की अध्यक्षता की।
- ‘काशी संस्कृति मार्ग’शीर्षक वाले परिणाम दस्तावेज़ और अध्यक्षीय सारांश पर सभी जी20 देशों ने सहमति व्यक्त की।
- वैश्विक विषयगत वेबिनार पर आधारित एक रिपोर्ट 26 अगस्त, 2023 को जी20 संस्कृति मंत्रियों की बैठक में लॉन्च की गई जिसका शीर्षक ‘जी20 संस्कृति: समावेशी विकास के लिए वैश्विक कथाओं को आकार देना’ था।
- जी20 सदस्यों और आमंत्रित देशों के संस्कृति मंत्रियों ने भारत कीजी20 अध्यक्षता के दौरान विचार-विमर्श के सफल समापन को चिह्नित करने के लिए 26 अगस्त, 2023 को वाराणसी में विशेष संस्करण डाक टिकट जारी किया।


अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध
सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी)
संस्कृति मंत्रालय ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के लिए निम्नलिखित देशों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए हस्ताक्षर किए:
- 25 जनवरी, 2023 को अरब गणराज्य मिस्र की सरकार के साथ पांच वर्ष की अवधि के लिए।
- 4 मार्च, 2023 को स्लोवाक गणराज्य के साथवर्ष 2023 से 2026 की अवधि के लिए।
- 26 अप्रैल, 2023 कोकोलंबिया गणराज्य के साथ वर्ष2023 से 2026 की अवधि के लिए।
- 06 जुलाई 2023 को मॉरीशस गणराज्य के साथ वर्ष 2023 से 2026 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए हस्ताक्षर किए गए। इसकी वैधता 31-12-2026 तक है।
- V. 9 अक्टूबर, 2023 को संयुक्त गणराज्य कोलंबिया की सरकार के साथ वर्ष 2023 से 2027 की अवधि के लिए।
- 2 नवंबर, 2023 को इतालवी गणराज्य की सरकार के साथवर्ष 2023 से 2027 की अवधि के लिए।
- 2 नवंबर, 2023 को बेलारूस गणराज्य की सरकार के साथवर्ष 2023 से 2025 की अवधि के लिए।
बौद्ध और तिब्बती संस्थान (बीटीआई)
संस्कृति मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से 14 से 15 मार्च, 2023 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्रों के साथ ‘साझा बौद्ध विरासत’पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें सदस्य देशों, पर्यवेक्षकों के साथ भारत की सभ्यता के जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित किया गया। शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों चीन, कजाकिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, भारत, बेलारूस, बहरीन, म्यांमार और संयुक्त अरब अमीरात जैसे विभिन्न देशों के साथविचार-विमर्श किया गया। यह कार्यक्रम “साझा बौद्ध विरासत” पर चर्चा के लिए मध्य एशियाई, पूर्वी एशियाई, दक्षिण एशियाई और अरब देशों को एक मंच पर एक साथ लेकर आया।
संस्कृति मंत्रालय ने अपने अनुदान प्राप्तकर्ता निकाय, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के माध्यम से, अन्य देशों के साथ सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों को बढ़ाने के उद्देश्य से, 20 और 21 अप्रैल, 2023 को नई दिल्ली में पहला वैश्विक बौद्ध शिखर सम्मेलन आयोजित किया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ने शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के बौद्ध भिक्षुओं ने भाग लिया।


