दतिया। अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का महापर्व विजयादशमी मंगलवार को जिले भर में पारंपरिक श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य आकर्षण का केंद्र स्थानीय स्टेडियम ग्राउंड रहा, जहां प्रभु श्रीराम के जयकारों के बीच 60 फुट ऊंचे रावण, 50 फुट के मेघनाद और 55 फुट के कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। पुतला दहन से पहले करीब डेढ़ घंटे तक चली भव्य और मनमोहक आतिशबाजी ने रात के अंधेरे में आसमान को सतरंगी रोशनी से सराबोर कर दिया।
विजयादशमी के पावन अवसर पर एक ओर जहां पुलिस लाइन में राज्य सरकार के मंत्री व प्रशासनिक अधिकारियों ने पारंपरिक विधि से शस्त्रों की पूजा की, वहीं दूसरी ओर क्षत्रिय समाज ने वीर हरदौल पूजन कर विशाल चल समारोह निकाला। शहर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों द्वारा पूर्ण गणवेश में अनुशासित पथ संचलन भी निकाला गया।
गोविंद गंज से निकला भव्य चल समारोह, स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब : दशहरा महोत्सव को लेकर शाम होते ही शहर उत्सव के रंग में रंग गया:
मनमोहक झांकियां और प्रस्तुतियां: शाम को गोविंद गंज से विशाल दशहरा चल समारोह प्रारंभ हुआ। सुसज्जित झांकियों, डीजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते श्रद्धालुओं के साथ यह जुलूस नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए स्टेडियम ग्राउंड पहुंचा।
सांस्कृतिक संध्या का रंग: स्टेडियम में पुतला दहन से पूर्व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक साधु तिवारी व अन्य कलाकारों ने भक्तिमय प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
श्रीराम-रावण संवाद और दहन: भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच संवाद मंचन के तुरंत बाद जैसे ही पुतलों में अग्नि प्रज्वलित की गई, पूरा मैदान ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। भीड़ के सुरक्षित आवागमन के लिए प्रशासन ने स्टेडियम के तीनों द्वारों से नियंत्रित प्रवेश व निकासी की व्यवस्था की थी।

