नई दिल्ली। देश की युवा पीढ़ी को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने और भारत को ड्रग्स मुक्त बनाने के संकल्प के साथ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ANTF प्रमुख, शीर्ष पुलिस अधिकारी और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
NCB के नए परिसरों की सौगात और सर्वश्रेष्ठ ANTF का सम्मान:
● लखनऊ-देहरादून में जोनल कॉम्प्लेक्स: केंद्रीय गृह मंत्री इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ और उत्तराखंड के देहरादून में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के नए अत्याधुनिक जोनल परिसरों की आधारशिला रखेंगे।
● डिजिटल पहल और जागरूकता अभियान: मादक पदार्थों के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने के लिए विशेष टेलीविजन विज्ञापनों (TVC) का विमोचन किया जाएगा और नए स्वरूप में तैयार NCB की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ होगा।
● उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान: नशीले पदार्थों की जब्ती और नेटवर्क ध्वस्त करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के सर्वश्रेष्ठ ANTF दस्तों को मंच से पुरस्कृत किया जाएगा।
‘विज़न डॉक्यूमेंट 2026–2029′ और आधुनिक चुनौतियों पर केंद्रित 8 तकनीकी सत्र : “सामूहिक संकल्प, साझा दायित्व” की थीम पर आधारित यह सम्मेलन मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ ‘होल ऑफ गवर्नमेंट एप्रोच’ (Whole of Government Approach) को जमीन पर उतारेगा। इस दौरान चार प्रमुख रणनीतिक स्तंभों के तहत आठ तकनीकी सत्रों में गहन विमर्श होगा:
● डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी जांच: पारंपरिक तस्करी मार्गों के अलावा साइबर स्पेस में डार्कनेट और क्रिप्टो लेन-देन के जरिए संचालित हो रहे सिंडिकेट्स पर डिजिटल स्ट्राइक की रणनीति तय होगी।
● सिंथेटिक ड्रग्स व गुप्त प्रयोगशालाएं: अवैध केमिकल प्रीकर्सर्स और देश के भीतर संचालित होने वाली गुप्त लैब्स (Clandestine Labs) की पहचान कर उन्हें जड़ से खत्म करना।
● ड्रग कार्टेल्स का खात्मा: अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क्स के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज को ट्रैक कर पूरे गिरोह को नेस्तनाबूद करना।
● अवैध खेती का विनाश: दुर्गम इलाकों में अफीम व गांजे की अवैध खेती को उपग्रह निगरानी से नष्ट करना और किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर प्रेरित करना।
● मांग में कमी व पुनर्वास: सप्लाई रोकने के साथ-साथ समाज में नशीली दवाओं की मांग घटाने, रोकथाम और पीड़ितों के पुनर्वास पर विशेष जोर रहेगा।
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का लक्ष्य तभी साकार हो सकता है, जब देश की युवा शक्ति नशे के जाल से पूरी तरह मुक्त हो। यह राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र और राज्यों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अभूतपूर्व समन्वय स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

