नई दिल्ली : आगामी विधानसभा चुनावों को अधिक समावेशी और सुगम बनाने की दिशा में भारतीय निर्वाचन आयोग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने निर्णय लिया है कि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, सशस्त्र बलों के कर्मियों और चुनावी ड्यूटी में लगे मतदाताओं को डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) के माध्यम से मतदान की सुविधा प्रदान की जाएगी। इससे उन मतदाताओं को राहत मिलेगी, जिन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
हाल ही में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम घोषित किए गए हैं, जिनके तहत चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयोग के निर्देशानुसार 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और मतदाता सूची में चिन्हित दिव्यांगजन इस विशेष सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर फॉर्म 12-डी भरकर आवेदन करना होगा।
घर-घर पहुंचेगी मतदान टीम
इस व्यवस्था के तहत चुनावी कर्मचारी संबंधित मतदाताओं के घर जाकर उनका वोट एकत्र करेंगे। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और गोपनीय रहे, इसके लिए उम्मीदवारों को भी इसकी जानकारी दी जाएगी। यह कदम लोकतंत्र में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
आवश्यक सेवाओं से जुड़े मतदाताओं को भी राहत
मतदान के दिन आवश्यक सेवाओं—जैसे स्वास्थ्य, अग्निशमन, बिजली, परिवहन, एम्बुलेंस और विमानन—में कार्यरत कर्मचारी भी डाक मतपत्र के जरिए मतदान कर सकेंगे। इसके अलावा चुनाव कवरेज में लगे अधिकृत मीडिया कर्मियों को भी इस श्रेणी में शामिल किया गया है।
सशस्त्र बलों के लिए विशेष व्यवस्था
सशस्त्र बलों के मतदाताओं को ‘इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम’ (ETPBS) के माध्यम से मतपत्र भेजे जाएंगे, जिससे वे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपना वोट डाल सकें।
निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि सभी डाक मतपत्र मतगणना के दिन सुबह 8 बजे तक संबंधित अधिकारियों के पास पहुंच जाने चाहिए। इस पहल से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष एवं सहभागी बने।

